NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की उपस्थिति में गृह मंत्री निवास का घेराव करेगी NSUI
रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध, फैलती नशाखोरी और छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में मंगलवार, 7 अक्टूबर को NSUI द्वारा गृह मंत्री निवास घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी आज रायपुर पहुँच रहे हैं।
NSUI की ओर से बताया गया कि घेराव से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक और ‘वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान’ भी आयोजित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, छात्रों पर हो रहे अत्याचार और नशाखोरी के बढ़ते खतरे के विरोध में युवाओं की एक सशक्त आवाज़ बनेगा।
मुख्य मुद्दे
1. छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR का विरोध
2. बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण की माँग
3. नशाखोरी और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग
कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता कांग्रेस भवन, गांधी मैदान (जिला मुख्यालय) से रैली निकालकर OCM चौक होते हुए गृह मंत्री निवास तक मार्च करेंगे। घेराव शाम 4 बजे से शुरू होगा।
महावीर गुर्जर ने कहा – “सरकार मूकदर्शक बनी हुई है”
प्रदेश प्रभारी महावीर गुर्जर ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध और नशाखोरी चरम पर है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बाहर नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन चुप है। NSUI छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरेगी। गृह मंत्री निवास घेराव इस असंवेदनशील तंत्र को चेतावनी देने का काम करेगा।
नीरज पांडे बोले – “छात्र नेताओं को आवाज़ उठाने की सज़ा दी जा रही है”
NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि प्रदेश में छात्र नेताओं को अपनी बात रखने के लिए झूठे मुकदमों में फँसाया जा रहा है। यह लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। NSUI ऐसे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। युवाओं की ताक़त से हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेंगे,” उन्होंने कहा।
NSUI ने दावा किया है कि प्रदेश के सभी जिलों से सैकड़ों कार्यकर्ता रायपुर पहुँचेंगे और सरकार को युवाओं की आवाज़ सुनने के लिए मजबूर करेंगे। संगठन ने कहा कि यदि माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




