सामूहिक सहभागिता से ही साकार होगी तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना
रायपुर। कोविड-19 महामारी के बीच विश्व तंबाकू दिवस के मौके पर `तंबाकू निषेध केंद्र सेवाओं को सुदृढ़ बनाना` विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने पर मंथन किया। वहीं प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों को तंबाकू या तंबाकू युक्त पदार्थों के सेवन को छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग तंबाकू नियंत्रण सेल के तत्वावधान में आयोजित वेबीनार में “कमिट टू क्विट टोबैको” थीम ( तंबाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध) पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान तंबाकू निषेध कानून (कोटपा एक्ट 2003) का सख्ती से पालन करने, अधिक से अधिक सामूदायिक सहभागिता अपनाने, स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी तंबाकू फ्री छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने, नशामुक्ति केन्द्रों की सेवाओं समेत कोविड वैक्सीनेशन सेंटर्स में भी तंबाकू छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान करने, स्कूलों और नगर बाजार के दुकानों में तंबाकू का सेवन सेहत के लिए खतरनाक है और इसे छोटे बच्चों द्वारा खरीदना और बिक्री करना भी दंडनीय अपराध है इसकी जानकारी के लिए साइनबोर्ड लगाना आदि सुझाव देते हुए इस पर सामूहिक रूप से अमल करने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ में तंबाकू निषेध सेवाओं को आगे बढ़ाना विषय पर बोलते हुए राज्य नोडल अधिकारी तंबाकू नियंत्रण डॉ. कमलेश जैन ने कहा “प्रदेश के लगभग सभी जिलों में तंबाकू निषेध कानून का सख्ती से पालन करने के लिए विशेष टीम कार्यरत है। प्रदेश में तंबाकू पर कार्य करने की बहुत जरूरत है। खासकर स्कूली बच्चे जो तंबाकू या धूम्रपान कर रहे हैं, इसको रोकना होगा और समाज में जागरूकता लानी होगी। सामूहिक भागीदारी से ही समुदाय को तंबाकू उप्तादों का सेवन नहीं करने के लिए जागरूक किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने राज्यभर में संचालित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया तथा तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना सामूहिक प्रयास से संभव करने की अपील भी की।“ कोटपा और अन्य तंबाकू नियंत्रण कानून पर बोलेते हुए द यूनियन संस्थान के अमित यादव ने कहा “इस वर्ष की थीम पर कार्य करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, खाद्यविभाग एवं अन्य विभागों को मिलकर लोगों को तंबाकू सेवन से मना करने के लिए प्रेरित करना होगा। साथ ही साथ वैक्सीनेशन सेंटर्स एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी तंबाकू सेवन नहीं करने के लिए जन-जागरूकता साइन बोर्ड लगाने का सुझाव दिया।“ इस दौरान तंबाकू नियंत्रण और तंबाकू बिक्री एवं सेवन समाप्त करने में स्वास्थ्य पेशेवर, प्राथमिक, माध्यमिक एवं तृतीयक देखभाल की भूमिका पर डॉ राणा जगदीप सिंह ने, तंबाकू निषेध को आगे बढ़ाने में डेंटल और मेडिकल कॉलेजों की भूमिका पर डॉ शिवम कपूर ने तथा तंबाकू बंद करने की अनिवार्यता- मनोवैज्ञानिक उपचार एवं औषधीय उपचार पर गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज के डॉ. राहुल चोपड़ा एवं डॉ शिल्पा जैन ने प्रेजेंटेशन एवं स्लाइड्स के माध्यम से अपने विचार विस्तार से रखे।




