हड़ताल ख़त्म कर काम पर लौटे पटवारी
रायपुर। पटवारियों ने करीब 39 दिन से चल रही अपनी हड़ताल शुक्रवार को खत्म कर दी है। इंटरनेट, लैपटाप, कम्प्यूटर सहित अन्य संसाधन भत्ते की मांग को लेकर प्रदेश भर के करीब पांच हजार पटवारी सहित प्रदेशभर के करीब पांच हजार पटवारी 16 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। इसके कारण लोग नक्शा, खसरा, बटांकन और नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए परेशान हो रहे थे। अब जनता को हो रही परेशानी और ऑनलाइन आचार संहिता के चलते राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने ऑनलाइन कामों के बहिष्कार का आंदोलन आज से स्थगित कर दिया है। उन्होंने राजस्व सचिव को पत्र लिखकर ऑनलाइन कार्यक्रम के बहिष्कार को स्थगित करने की सूचना दी है। इसकी प्रतिलिपि सभी कलेक्टरों को भी सौंपी गई है।
16 दिसंबर से प्रदेश भर के पटवारी ऑनलाइन कामों का बहिष्कार कर रहे थे। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले उनका आंदोलन जारी था। पटवारियों का कहना था कि वे शासन के सॉफ्टवेयर में खुद के लैपटॉप व कम्प्यूटर से रिकॉर्ड अपडेट करते थे, लेकिन उन्हें संसाधन और भत्ता नहीं मिल रहा। उनकी मांग है कि उन्हें इसके लिए हर माह कम से कम 2 हजार रुपए का संसाधन भत्ता दिया जाए। मांगे पूरी न होने पर वे मैनुअल काम तो कर रहे थे,पर ऑनलाइन कामों का बहिष्कार भी कर रहे थे।
हड़ताल से लोगों का नामांतरण, बटांकन, खसरा, बी-वन, डिजिटल सिग्नेचर, धान बेचने के रकबे में सुधार जैसे कार्य प्रभावित हो रहे थे। लोग पटवारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और पिछले 39 दिनों से पटवारी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रहे थे।




