जिले में घनी आबादी क्षेत्र के हॉटलों को क्वारनटाईन सेन्टर बनाने से लोगों में बनी दहशत, जाने कहा की है यह खबर
कोरबा | शहर की घनी आबादी के बीच स्थापित होटलों कों क्वारनटाईन सेन्टर बनाने और एक हॉटल से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद शहर में दहशत फैल गयी है। आम नागरिक प्रशासन के निर्णय को अव्यवहारिक बताकर शहर के बाहर घनी आबादी से दूर क्वारनटाईन सेन्टर बनाने की ऊपेक्षा कर रहे हैं।
कोविड-19 महामारी के इस दौर में बाहर से कोरबा आ रहेक नागरिकों के लिए शहर के होटलों को क्वारनटाईन सेन्टर बनाया गया है। इनमें हॉटल टाप इन टाऊन, महाराजा आशीर्वाद इन, आनन्द हॉटल आदि शामिल है। दो दिन पहले हॉटल महाराजा आशीर्वाद इनमें दिल्ली से आये एक छात्र को कोरोना पाजिटिव पाया गया है। उसे उपचार के लिए कोविड-19 हास्पिटल बिलासपुर भेजा गया है। यह खबर शहर में आम हुई, इसके बाद लोगों में भय का वातावरण पैदा हो गया है।
इसी कड़ी में बुधवार को पुराना बस स्टैण्ड के आनन्द हॉटल में कुछ लोगों को क्वारनटाइन किया गया। इस बात की जानकारी होते ही आसपास के रहवासियों में भय फैल गया। नागरिकों का कहना है कि शहर के आबादी क्षेत्र के होटलों को क्वारनटाईन सेन्टर नहीं बनाया जाना चाहिये। लोगों का कहना है कि शहरी आबादी के बाहरी क्षेत्र में इंजीनियरिंग कालेज, पालिटेक्निक कालेज, एजुकेशन हब सहित अनेक शासकीय भवन हैं, जिन्हें सेन्टर बनाया जाना चाहिये।
याद रहे कि शहर के विभिन्न हॉटलों को पेड क्वारनटाईन सेन्टर बनाया गया है। यहां बाहर से आकर रूकने वाले लोगों को कमरे और खाने-पीने के खर्च स्वयं उठाना पड़ रहा है। हॉटल में ठहरे लोगों का कहना है कि घर पहुंचकर भी उन्हें घर से बाहर रहना पड़ रहा है। इससे अच्छा तो यह होता कि उन्हें होम कोरेनटाईन कर दिया जाता। कम से कम अनुचित व्यय से तो बच जाते।




