लाकडाउन में फंसे लोग बोले- बस इतनी मंजूरी दे दो अपनों को ले आएं या उन तक पहुंच जाएं...
रायपुर. लॉक-डाउन कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सबसे आवश्यक है। इसे हर कोई समझ रहा है। लोगों की इसी समझदारी ने अभी छत्तीसगढ़ को इस बीमारी से काफी हद तक बचाकर रखा है। मगर, लोगों ने जैसे-तैसे पहले 21 दिन गुजार लिए पर अभी के 19 दिन मुश्किल से कट रहे हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिनके अपने दूर हैं। रायपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय में 50 से अधिक आवेदनकर्ता पहुंचें जिनके अपने दूसरे प्रदेश या दूसरे राज्य में हैं। किसी की माता-पिता बुजुर्ग हैं, मां बीमार हैं, इलाज करवाना है या फिर बुजुर्गों की सेवा के लिए परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं।
लोगों अपने-अपने आवेदन लेकर आए। दरखास्त की कि उन्हें कम से कम अपने को लाने या फिर उनके पास जाने की अनुमति दे दी जाए। इनकी फरियाद भी जायज है, मगर नियम आड़े आ रहे हैं। अनुमति देना कलेक्टर के हाथ में हैं। वे यह परखते हैं कि प्रकरण की गंभीरता क्या है? यहां से अनुमति जारी भी हो रही हैं। हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। यहां आकर लोग चस्पा सूची में अपना नाम तलाशते हैं और कोई खुश होता है तो कोई मायूस लौटता है।




