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बड़ी खबर: गृहमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने 30 घंटों में पांचों फरार कैदियों को दबोचा, महासमुंद जेल की दीवार फांदकर हुए थे फरार

 बड़ी खबर: गृहमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने 30 घंटों में पांचों फरार कैदियों को दबोचा, महासमुंद जेल की दीवार फांदकर हुए थे फरार
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महासमुंद। महासनंद जेल से 6 मई को फरार हुए 5 कैदी पुलिस की गिरिफ्त में आ गए है। लगभग 30 घंटों के भीतर इन्हे अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। एक बदमाश को तुमगांव और दो को कोमाखान के पास से पकड़ा गया है। ये जेल से भागकर करीब 10 किलोमीटर के इलाके में छिपते फिर रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें इन्हें तलाश रही थीं। ज्ञातव्य है कि गुरुवार की दोपहर ये बेमचा इलाके में बनी जिला जेल से दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इस मामले में जेल के एक मुख्य प्रहरी और तीन अन्य प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है।

30 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद अलग-अलग इलाकों से इन बदमाशों को पकड़ने में जिले की पुलिस कामयाब रही। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर की टीम को आईजी आनंद छाबड़ा ने इस मिशन की कामयाबी के लिए 30 हजार रुपए का कैश प्राइज देने का एलान किया है। दोपहर तक इस केस के 4 बदमाशों को पकड़ लिया गया था। शुक्रवार की रात खल्लारी इलाके से फरार चल रहे कैदी धनसाय को भी पकड़ लिया गया। इससे पहले कोमाखान इलाके से करण और दौलत, पटेवा से राहुल, और बेमचा इलाके से डमरूधर को पकड़ लिया गया है।

लापरवाही करने वाले चार प्रहरियों पर गिरी गाज
इधर, मामले में जेल प्रशासन ने देर रात ही चार प्रहरियों को निलंबित कर दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार निलंबन की कार्रवाई प्रहरी भरत राम सेन, गणेश राम और सुखीराम कोसले के साथ ही मुख्य प्रहरी राजकुमार त्रिपाठी पर की गई है। घटना के वक्त भरत राम सेन की ड्यूटी बैरक नंबर 5-6, गणेश राम की ड्यूटी बैरक नंबर 7-8-9 पर और सुखीराम कोसले की ड्यूटी दीवार के पास थी।

इस पूरे मामले में जांच कर रही एएसपी मेघा टेंभुरकर ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट के आस-पास की इस घटना में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब तक हुई जांच में ये बात सामने आई है कि जिस जगह पर गार्ड की ड्यूटी होनी थी वहां पर वो था ही नहीं। करीब आधे घंटे तक दीवार पर कंबल से रस्सी बनाकर कैदी भागने का प्रयास करते रहे, मगर किसी की नजर इन पर नहीं पड़ी थी।

इसी मौके का फायदा उठाकर वो भाग गए थे। दूसरी सबसे बड़ी बात कि जिस वक्त ये कांड हुआ बैरक से बाहर कैदियों के आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। क्योंकि उस समय किसी को बाहर नहीं रखा जाता तो ये बाहर कैसे थे, हम इन सभी एंगल पर पड़ताल कर रहे हैं।

ये कैदी हुए थे फरार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।
 


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