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ट्वीट पर शुरू हुई सियासी बहस तो आगे आए खेतान, दी सफाई

 ट्वीट पर शुरू हुई सियासी बहस तो आगे आए खेतान, दी सफाई
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के आईएएस सीके खेतान के एक ट्वीट पर आज पूरे दिन बहस चली। ट्वीटर पर लगातार इसे लेकर तंज भरे रि-ट्वीट किये जा रहे हैं। हालांकि खुद आईएएस सीके खेतान ने इस बात को स्पष्ट किया है कि उनके कहने का वो मकसद था ही नहीं, जिसे लेकर लोग ट्वीटर पर लिख रहे हैं।

दरअसल आज राजस्व मंडल के अध्यक्ष सीके खेतान ने अपने ट्वीटर हैंडल पर कलेक्टरों के पक्ष में एक पोस्ट डाला था। उन्होंने लिखा था कि कलेक्टरों पर ही सारी जिम्मेदारी है और उन्ही से ही सभी को नाराजगी भी है। वोे नेताओं का काम भी बनाता है और डांट भी खाता है। इस ट्वीट के बाद तो आईएस खेतान कईयों के निशाने पर आ गये। कई लोगों ने इसे सरकार से उनकी नाराजगी को जोड़कर भी लिखने लगे। इस दौरान कईयों ने उन्हें नेता बनने की भी सलाह दे डाली। 

हालांकि आईएएस खेतान के इस पोस्ट में ऐसा कुछ भी नहीं लिखा था, बावजूद कईयों ने इसे सीधे तौर पर सरकार से नाराजगी के तौर पर देखना शुरू कर दिया। इस पोस्ट को लेकर उन्होंने कहा “नाराजगी जैसी कोई बात ही नहीं है, ना मैंने इस पोस्ट में ऐसा कुछ लिखा है, मेरे लिखने का ये मकसद था कि सरकार की कई योजनाएं होती है जिसमें कई कलेक्टर अच्छा काम करते हैं, कईयों का परफार्मेंस अच्छा नहीं होता है, कईयों को शाबाशी मिलती है, तो कईयों को डांट भी सुननी पड़ती है, लेकिन इसे लोगों ने अलग अर्थ में ले लिया, मेरे लिखने का कोई भी ऐसा मकसद नहीं है।”
 


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