CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

10 दिन का वादा, 1500 दिन बाद भी नहीं है नियमितीकरण का इरादा: चौधरी

10 दिन का वादा, 1500 दिन बाद भी नहीं है नियमितीकरण का इरादा: चौधरी
Share

 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने राज्य की कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी पर प्रहार करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की लगभग 11 हजार पंचायतों के पंचायत सचिव  नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

कांग्रेस के जन घोषणा पत्र में 10 दिन में इन्हें नियमित करने का वादा किया गया था। आज 15 सौ से अधिक दिन हो गए। कांग्रेस सरकार ने वादा पूरा नहीं किया और सरकार से अपना हक

मांग रहे इन आंदोलित पंचायत सचिवों से बात करने को तैयार नहीं है। सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध संघर्ष में भाजपा पंचायत सचिवों के साथ है।

प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश के सभी 146  विकासखंडों में पंचायत सचिव साथी आपकी वादाखिलाफी के विरोध में  अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर धरने पर 17 दिनों से बैठे हैं।चूँकि पंचायत सचिव साथी गांव के आम ग्रामीणों और सरकार के बीच के सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी होते हैं,इसलिये आज आपकी वादा खिलाफी के कारण आज हरेक गांव के ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं के काम ठप्प पड़े हुये हैं।

आपने चुनाव से पहले कई मंचों पर वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 10 दिनों के भीतर नियमितीकरण कर दिया जाएगा। आज साढ़े चार साल में भी इनके नियमितीकरण की कोई मंशा नहीं दिख रही। पंचायत से जुड़े कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी का दुष्प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पर पड़ रहा है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने स्मरण कराते हुए कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में पंचायत कर्मी व्यवस्था की शुरुआत 1995 में दिग्विजय सिंह सरकार ने शर्मनाक तरीके से की थी। इन्हें 500 रुपये मासिक वेतन तय किया था। जिसे भाजपा की सरकार ने 40 हजार से ज्यादा तक बढ़ाया।

लेकिन कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने इन साढ़े चार सालों में कुछ भी नहीं किया है। जन घोषणा पत्र के वादे सब्जबाग साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री तत्काल अपना वादा पूरा करें अन्यथा अपनी विफलता स्वीकार करें।



Share

Leave a Reply