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स्वास्थ विभाग में चतुर्थ वर्ग की पदोन्नति हुई रद्द

स्वास्थ विभाग में चतुर्थ वर्ग की पदोन्नति हुई रद्द
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जगदलपुर । कलेक्टर ने बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवम्बर 2020 में जारी चतुर्थ वर्ग के पदोन्नति आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से पदोन्नति करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ आरके चतुर्वेदी के विरुद्ध विभागीय जांच सहित गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को अनुशंसा करते हुए उनके स्थापना लिपिक डीके देवांगन को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर श्री बंसल द्वारा चतुर्थ वर्ग की पदोन्नति के मामले में अनियमितता की शिकायतों की जांच के लिए गठित समिति को प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर यह कार्यवाही की गई है। उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2020 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों का पदोन्नति आदेश जारी किया था। इस पदोन्नति आदेश में अनियमितता की शिकायत पाए जाने पर कलेक्टर श्री बंसल ने अपर कलेक्टर अरविंद एक्का की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति गठित की थी। इस जांच समिति द्वारा पदोन्नति के मामले की सुक्ष्मता से जांच कर प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा था। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित पदोन्नति समिति के अन्य सदस्य एवं स्थापना लिपिक को नोटिस जारी किया गया था। संयुक्त जांच समिति ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जवाब को संतोषप्रद नहीं पाया वहीं पदोन्नति की प्रक्रिया को पूरी तरह दोषपूर्ण पाया गया। जांच समिति ने पाया कि कार्यालय द्वारा अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और स्थापना लिपिक को संदेह के दायरे में यह कार्यवाही की गई। कलेक्टर ने नवम्बर 2020 में जारी सभी आठ पदोन्नति आदेश को निरस्त करते हुए 15 अप्रैल के पूर्व शासन के सभी नियमों का पालन करते हुए पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति के निर्देश दिए गए हैं।
 



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