रायपुर पुलिस ने 9 महीने से लापता लेडी कॉन्स्टेबल को ढूंढ निकाला, पुलिस को देख झुंझलाकर बोली- क्यों आए हो, मैं यहीं रहूंगी
राजधानी के राजेंद्र नगर पुलिस को कामयाबी मिली है, पिछले 9 महीने से अपने ही डिपार्टमेंट की एक कॉन्स्टेबल को पुलिस ढूंढ रही थी। लापता लेडी कॉन्स्टेबल अंजना सहिस का पता अब चल चुका है। राजेंद्र नगर की पुलिस टीम को अंजना उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली। वह वहां फूल-माला की दुकान चला रही है। अंजना की खबर पाकर टीम रायपुर से वृंदावन गई थी अब इस केस में कामयाबी मिली है। स्थानीय पुलिस को देखते ही युवती चिड़चिड़ा उठी और कहने लगी क्यों आए हो यहां, मैं यही रहूंगी कहीं नहीं जाऊंगी।
काफी समझाने के बाद युवती ने शांत होकर बातचीत की और वापस लौटने से इनकार कर दिया। वह दलील देती रही कि मैं बालिग हूं, अपनी मर्जी से जहां चाहूं रह सकती हूं, उस पर कोई दबाव नहीं डाल सकता। राजेंद्र नगर की पुलिस ने अंजना को भरोसा दिलाया कि वह नियमों के तहत ही काम कर रहे हैं, गुमशुदगी की शिकायत अंजना की मां ने की थी।
जांच टीम के अफसरों ने लेडी कॉन्स्टेबल से कहा कि उसे वापस चलना चाहिए। इस पर अंजना ने कहा कि मैं वापस लौटना नहीं चाहती, मैं सोच-समझकर वृंदावन आई हूं और अब यही रहना चाहती हूं। अंजना ने दावा किया कि उसका उसके परिवार से भी अब कोई नाता नहीं है। पुलिस ने जब मां के परेशान होने का हवाला दिया तो अंजना ने आक्रोश जताते हुए फोन पर अपनी मां से झगड़ा किया और पुलिस से साफ तौर पर कह दिया कि ना उसकी कोई मां है ना ही रायपुर में उसका कोई रिश्तेदार। अब वो वृंदावन में ही रहेगी।
राजेंद्र नगर की पुलिस जब वृंदावन पहुंची तो अंजना एक कृष्ण मंदिर के बाहर पूजा की सामग्री बेचते नजर आई और अब इसी से अपना गुजारा चला रही है। राजेंद्र नगर पुलिस की टीम ने उसे वापास लाने की तमाम कोशिशें की मगर कामयाबी न मिलने पर अब टीम यूपी से वापस लौट रही है।
विभागीय प्रताड़ना की चर्चा
इस पूरे मामले में अब तक सामने आई जानकारियां बेहद चौंकाने वाली हैं। महिला कॉन्स्टेबल अंजना सहिस रायगढ़ पोस्टेड थीं। करीब 9 महीने पहले इसका रायपुर के पुलिस हेड क्वार्टर में ट्रांसफर हुआ था। CID ब्रांच में महिला पदस्थ थी और अचानक 9 महीने पहले लापता हो गई थी। न पुलिस हेडक्वार्टर के कर्मचारियों को महिला आरक्षक की कोई खबर थी और न ही परिवार को।
महिला लेडी कॉन्स्टेबल का घर रायपुर के महावीर नगर में है। पुलिस के पास युवती की मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 21 अगस्त को सामने आई इस शिकायत के बाद राजेंद्र नगर की पुलिस ने गायब हो चुकी लेडी कॉन्स्टेबल को ढूंढने का मिशन शुरू किया।
युवती की मां और पुलिस हेडक्वार्टर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ अफसरों की हरकतों से तंग आकर अंजना सहिस ने नौकरी छोड़ने का मन बना दिया था। पुलिस कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले उज्ज्वल दीवान ने भी बताया कि छोटे कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। काम के अलावा अफसरशाही के हावी होने की वजह से कई कर्मचारी परेशान हैं। हम 5 सितंबर को ऐसे मामलों के खिलाफ एक कैंडल मार्च भी करेंगे। दूसरी तरफ कई बार पूछे जाने पर भी राजेंद्र नगर की पुलिस के सामने अंजना ने ये नहीं बताया कि उसे किस बात की दिक्कत थी, कौन से अधिकारी उसे परेशान कर रहे थे।
पहले ही कह दिया था वृंदावन जाऊंगी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अपने कामकाज के दौरान अंजना बेहद परेशान रहती थी। उसने अपने साथ काम करने वालों से भी कई बार इस बात का जिक्र किया था कि वह ड्यूटी के रुटीन और कुछ अधिकारियों से परेशान है और अब वृंदावन जाकर आगे की जिंदगी बिताना चाहती है।
बैंक अकाउंट की मदद से पुलिस ने ढूंढ निकाला
राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के प्रभारी विशाल कुजुर में इस पूरी जांच प्रक्रिया के बारे में दैनिक भास्कर को बताया कि गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद हम लगातार इस बात की कोशिश में थे कि अंजना को किसी तरह से ट्रेस किया जाए। हमारे पास न तो उसका कोई फोन नंबर था और न ही यह जानकारी कि वह है आखिर है कहां।
लगातार जांच और पूछताछ के दौरान हमें उसके बैंक अकाउंट के बारे में जानकारी मिली। इन बैंक की ट्रांजैक्शन को हमने देखा कि यह वृंदावन के कुछ ATM से किए गए। इसके बाद जांच टीम वहां पहुंची और दिन भर सैकड़ों लोगों को इसकी तस्वीर दिखाने के बाद इसका पता चला।




