CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

शाह आए, और भाजपा का ईडी मोर्चा सक्रिय : कांग्रेस

शाह आए, और भाजपा का ईडी मोर्चा सक्रिय : कांग्रेस
Share

 रायपुर। कुछ व्यापारियों और नौकरशाहों के यहां ईडी की छापेमारी पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह भाजपा की चुनावी तैयारी का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आ कर चुनावी तैयारी शुरू करने का ऐलान कर चुके है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर भी विधानसभा चुनाव की तैयारी के संबंध में बैठक लेने आये थे। उसके बाद भाजपा मोर्चा संगठन के लोग तो सुप्त बने हुये है लेकिन भाजपा की प्रमुख अनुषांगिक संगठन ईडी मोर्चा आईटी मोर्चा ने अपना चुनावी काम शुरू कर दिया है।


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि  भारतीय जनता पार्टी जहां पर राजनैतिक रूप से सीधा मुकाबला नहीं कर पाती, वहां पर वह केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी, सीबीआई, आईटी को आगे कर अपना राजनैतिक मंतव्य साधने का प्रयास करती है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के पास जनसरोकारों का कोई मुद्दा नहीं बचा है। भाजपा लगातार राज्य में जनता का भरोसा खोते जा रही है उसके कार्यकर्ताओं में हताशा का माहौल है ऐसे में अपने राजनैतिक वजूद को बचाने भाजपा ईडी, सीबीआई, आईटी का दुरुपयोग कर राज्य सरकार की छवि खराब करने में लगी है। पिछले चार साल में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के ऊपर भाजपा 1 रू. का भी प्रमाणित भ्रष्टाचार का आरोप लगा नहीं पाई है तो अधिकारियों, व्यापारियों के यहां छापेमारी कर वातावरण बनाने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ईडी, आईटी नान घोटाले, चिटफंड घोटाले, पनामा पेपर के अभिषाक सिंह की जांच क्यों नहीं करती है? नान गरीबों के राशन में 36,000 करोड़ का डाका डाला गया है, जब इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है, नान डायरी में सीएम सर, सीएम मैडम, ऐश्वर्या रेसीडेंसी वाली मैडम जैसे दर्जनों नामों का उल्लेख है जिनका मोटी-मोटी रकम देने का भी उल्लेख है। ऐसे में इस अवैध लेनदेन की जांच यदि ईडी क्यों नहीं करती है? रमन सिंह के शासनकाल के 15 साल में चिटफंड कंपनियों ने सरकार के संरक्षण में जनता को लूटने का बड़ा षड़यंत्र बनाया था। फर्जी चिटफंड कंपनियों के कार्यालयों का उद्घाटन स्वयं रमन सिंह, उनकी पत्नी और सांसद पुत्र ने किया था। रमन मंत्रिमंडल के आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों ने चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों का उद्घाटन किया था। सरकारी रोजगार मेले में चिटफंड कंपनियों के स्टॉल लगे थे जिनके माध्यम से एजेंटों की भर्तियां हुई थी। इन चिटफंड कंपनियों ने राज्य की जनता से 6,000 करोड़ से अधिक रू. की उगाही किया था। राज्य की पुलिस चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध जांच कर रही कुछ कंपनियों की संपत्तियां कुर्क कर लोगों के पैसे भी वापस करवाया जा रहा। यदि 6,000 करोड़ रू. का अवैध लेनदेन हजारों लोगों के साथ हुआ है तो इस मामले की ईडी से जांच क्यों नहीं हो रही है?

 



Share

Leave a Reply