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सोलर सिंचाई पंप से खेती-किसानी को मिला बढ़ावा, पढ़ें पूरी खबर

सोलर सिंचाई पंप से खेती-किसानी को मिला बढ़ावा, पढ़ें पूरी खबर
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रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों कीे आमदनी के लिए संचालित  सौर सुजला योजना ग्रामीण ईलाके के किसानों के लिए बहुउपयोगी साबित हो रही है। दुरस्त इलाकों में सौर सुजला योजनान्तर्गत सोलर सिंचाई पंप लगने से खेती-किसानी को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं पेयजल के लिए शुद्ध पानी भी मिल रहा है। बीजापुर जिले के ग्राम मांझीगुडा़ निवासी बुजुर्ग किसान श्री भरतसिंह बेलगंया सोलर सिंचाई पंप के जरिये रबी और ग्रीष्मकाल के दौरान अपनी डेढ़ एकड़ बाड़ी में साग-सब्जी उत्पादन कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी एवं क्रेडा विभाग की मदद से उन्होंने सोलर सिंचाई पंप लगाया है।
     किसान भरतसिंह को छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा 2 लाख 30 हजार रूपए का अनुदान प्रदान किया गया । किसान श्री भरतसिंह ने बताया कि इस सोलर सिंचाई पंप से वे अपनी डेढ़ एकड़ बाड़ी में रबी सीजन के दौरान बैंगन, भिंडी, करेला, बरबट्टी, टमाटर, मिर्च साग-सब्जी का उत्पादन किया। वहीं ग्रीष्मकाल में लौकी, कद्दू, भिंडी, बरबट्टी, करेला मेथी धनिया लगा रहे हैं। उत्पादित साग-सब्जी को समीपस्थ बीजापुर नगर में हर महीने तीन से चार हजार रूपए का विक्रय करते हैं। इस अतिरिक्त आमदनी से उन्हें घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के साधारण कृषक श्री भरत सिंह ने बताया कि उनके पास कुल 6 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 2 एकड़ खेत में सफरी-चुड़ी जैसी देशी किस्म के धान की फसल लेते हैं। वहीं 2 एकड़ रकबा में एचएमटी धान का श्रीविधि से रोपा लगाते हैं और दो एकड़ मरहान भूमि में उड़द कुल्थी जैसे स्थानीय दलहन की खेती करते हैं। अपनी इस खेती-किसानी की आय से 14 सदस्यीय परिवार का आसानी के साथ भरण-पोषण कर रहे हैं। इसके साथ ही घर में खेती-किसानी कार्य के लिए एक टेªक्टर रखे हैं, जिसे गांव के किसानों को किराये पर उपलब्ध कराते हैं। भरतसिंह से अभी हाल ही में उनकी बाड़ी में साग-सब्जी की निंदाई करते हुए भेंट होने पर उन्होंने सोलर सिंचाई पंप की सहायता सहित उद्यानिकी विभाग से सब्जी बीज मिनीकीट तथा समसायिक कृषि सलाह देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को सान्धुवाद देते कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए जो योजनाएं चला रही है उसका लाभ लेकर आगे बढ़ना समय की जरूरत है।



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