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निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की रिमांड अवधि 4 दिन बढ़ी , कड़ाई से की जा सकती है पूछताछ

निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की रिमांड अवधि 4 दिन बढ़ी , कड़ाई से की जा सकती है पूछताछ
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। दो दिन की रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने जीपी सिंह की रिमांड अवधि चार दिनों के लिए बढ़ाते हुए उसे एसीबी को सौंप दिया है। रिमांड अवधि बढऩे के बाद संभावना जतायी जा रही है कि एसीबी के अधिकारी अब जीपी सिंह से कड़ाई से पूछताछ कर सकती है।

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और राजद्रोह के मामले में फंसे जीपी सिंह से दो दिन की रिमांड के दौरान एसीबी अधिकारियों ने उनकी सम्पत्ति को लेकर घंटो पूछताछ की और कई सवाल किये लेकिन इस पूछताछ में जीपी सिंह अपनी बातों पर अड़े रहे कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
दो दिन की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद एसीबी ने आज जीपी सिंह को विशेष मजिस्ट्रेट लीना अग्रवाल की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। एसीबी ने आज फिर जीपी सिंह को पांच दिन की रिमांड के लिए आवेदन लगाया था, लेकिन कोर्ट ने पांच दिनों की जगह चार दिन के लिए जीपी सिंह की रिमांड अवधि को मंजूरी दी।

जीपी सिंह की रिमांड अवधि बढऩे के बाद यह आशंका जतायी जा रही है कि अब इन चार दिनों में जीपी सिंह से पूछताछ के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा कड़ा रवैया अपनाया जा सकता है। पुलिस को आशंका है कि उसकी अनुपातहीन संपत्ति में उसके परिवार के सदस्यों के साथ कुछ अन्य परिचितों में कुछ नामी लोग व पुलिस विभाग के एक-दो पूर्व अधिकारी के नाम भी शामिल हो सकते है।

ज्ञात हो कि एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने जब जीपी सिंह के ठिकानों पर छापा मारा था तो 10 करोड़ रूपये से अधिक की अनुपातहीन सम्पत्ति के बारे में पता लगाया है, लेकिन जीपी सिंह के खिलाफ हुई कार्यवाही के बाद से लगातार वे यहीं कहते आ रहे है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। आज भी जब उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा था उससे पहले कोर्ट परिसर में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने यहीं कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। जांच में हर बिन्दु पर वे जवाब दे रहे है।
 



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