CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कैदियों की रिहाई के प्रस्ताव का किया अनुमोदन

राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कैदियों की रिहाई के प्रस्ताव का किया अनुमोदन
Share

 रायपुर। आजादी के 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस अमृतकाल को कार्यक्रमों की श्रृंखला के रूप में मनाया जाना प्रस्तावित है। इसी क्रम में एक विशेष पहल के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा कैदियों की कुछ श्रेणियों को विशेष माफी देने और 26 जनवरी 2023 को उन्हें रिहा करना प्रस्तावित किया गया है। राज्यपाल अनसुइया उइके ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर शासन के इस निर्णय के फलस्वरूप प्रदेश के 24 सजायाफ्ता कैदियों को 26 जनवरी 2023 गणतंत्र दिवस के मौके पर रिहा करने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के समक्ष 37 सजायाफ्ता कैदियों की सजा माफी की अनुशंसा की गई थी।

उल्लेखनीय है कि भारत का संविधान के अनुच्छेद 161 के अनुसार किसी विधि के विरूद्ध, किसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराये गये, किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, उसका प्रविलम्बन, विराम या परिहार करने की अथवा दंडादेश के निलम्बन, परिहार या लघुकरण की शक्ति राज्यपाल में निहित होती है।

आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर कुछ विशेष कैदियों को रिहा करने का उद्देश्य जेल में अनुशासन और सदाचरण सुनिश्चित करना तथा प्रोत्साहन के रूप में जेल से जल्दी रिहाई की संभावनाओं का अवसर प्रदान करना है। निश्चित ही इससे अपराधी जीवन का त्याग और देश के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।



Share

Leave a Reply