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सदन में जोर-शोर से उठा स्कूल-कॉलेजों में लगी सैनेटरी मशीनों का मुद्दा, तीखी बहस के बाद जांच के आदेश

सदन में जोर-शोर से उठा स्कूल-कॉलेजों में लगी सैनेटरी मशीनों का मुद्दा, तीखी बहस के बाद जांच के आदेश
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन स्कूल-कॉलेजों में लगाए गए सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल के लिए लगाए गए इंसीनरेटर मशीनों का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने मशीनों के संचालन पर सवाल खड़े करते हुए उनकी जांच कराने की मांग की।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि कई स्कूलों में लगी मशीनें संचालित नहीं हैं और केवल कागजों में ही व्यवस्था दिखाई जा रही है। उन्होंने मंत्री से मशीनों के सत्यापन, उन्हें लगाने वाली एजेंसियों के नाम और स्थापना की तारीखों की जानकारी मांगी।

इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 1600 मशीनें ठीक स्थिति में हैं, जबकि करीब 1300 मशीनें खराब पाई गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभाग के पास फिलहाल मशीनों के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कम से कम दो स्कूलों में मशीनों की तत्काल जांच कराई जाए। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जांच कराने का आश्वासन दिया।

मामले को लेकर सदन में कुछ समय के लिए तीखी बहस देखने को मिली और स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं की सुविधा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।
 


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