BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

राज्य सरकार ने गृह विभाग से तीन अधिकारियों को ACB/EOW में किया पदस्थ

राज्य सरकार ने गृह विभाग से तीन अधिकारियों को ACB/EOW में किया पदस्थ
Share

 रायपुर :- प्रदेश सरकार ने गृह विभाग से तीन वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति के माध्यम से ACB/EOW में पदस्थ किया है। ASP जयप्रकाश बढ़ई, DSP प्रभात पटेल, एवं निरीक्षक नवीन देवांगन को अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है।

इस प्रशासनिक आदेश से पहले मार्च 2024 में हुए बड़े फेरबदल में राज्य सरकार ने 32 अधिकारियों को गृह विभाग भेजा था एवं 25 नए अधिकारियों की ACB/EOW में नियुक्ति की थी

इस बार की तैनातियाँ विशेष इस लिए हैं क्योंकि इनमें ASP, DSP और निरीक्षक स्तर के अनुभवी अधिकारियों को सीधे ACB/EOW की जिम्मेदारी दी गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अपराधों से निपटने की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। हाल ही में ED व EOW की संयुक्त कार्रवाई मोक्षित कॉर्पोरेशन पर भी हुई है — जिसमें CRAF बल और अधिकारियों की उपस्थिति रही, जो यह संकेत देती है कि जांच तेज़ हो रही है

इस नियुक्ति से ACB/EOW में कार्यशैली में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि तीनों अधिकारियों का विभागीय अनुभव और महकमें में उनकी विश्वसनीयता काफी मजबूत है। आदेश के पीछे मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर तेजी से अंकुश लगाना और मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चत करना बताया जा रहा है।



Share

Leave a Reply