CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

छत्तिसगढ़ में इस कांग्रेस विधायक ने बनवाई फर्जी डिग्री, जानें क्या है कारण...

छत्तिसगढ़ में इस कांग्रेस विधायक ने बनवाई फर्जी डिग्री, जानें क्या है कारण...
Share

कोरिया। मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जयस्वाल के मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालय से फर्जी प्रमाण पत्र (रिजल्ट) बनवाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं दी है।


इस मामले में चर्चा के दौरान डॉ. जयस्वाल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि पैसे लेकर प्रमाण पत्र बनाने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने खुद का प्रमाण पत्र बनवा कर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले बिचौलिए से संपर्क किया और अपने नाम से ही डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) का एक फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया। प्रमाण पत्र सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय भोपाल के नाम पर जारी किया गया। विधायक विनय जायसवाल ने प्रकरण की शिकायत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की है।


चर्च चर्चा के दौरान डॉ विनय जयस्वाल ने बताया कि उन्होंने 2001 में एमबीबीएस और 2007-08 में एमएस का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। वर्तमान में वे एक विधायक हैं और उन्हें किसी भी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि जैसे उन्हें पैसे लेकर प्रमाण पत्र बनाए जाने की जानकारी मिली, तो उन्होंने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत तथ्य समेत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ई-मेल के माध्यम से की है, लेकिन प्रकरण की शिकायत के 3 महीने बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।



Share

Leave a Reply