छत्तीसगढ़ का यह जिला बना कोरोना हॉट स्पॉट, जिले में सख्त किया गया चौतरफा सुरक्षा व्यवस्था, पढ़ें पूरी खबर
कोरबा | कोरबा जिला छत्तीसगढ़ का कोरोना डेंजर जोन बन गया है। सरकार के निर्देश पर जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई है। रविवार की शाम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को सेक्टर में बांटने के साथ सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। संबंधित क्षेत्रों में सुविधा का ध्यान रखा गया है। फिर भी बिना ठोस कारण के लोग आवाजाही करते हैं तो उनके वाहन जब्त कर लिये जाएंगे और फिर कोर्ट से ही इन्हें मुक्त किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के अंतर्गत कोरबा शहरी क्षेत्र को छह सेक्टर में बांटने के साथ संबंधित इलाके में बेरिकेट्स लगा दिए गए हैं और वहां पुलिस कर्मी तैनात किये गए हैं। आवश्यक वस्तुओं के वाहन और ठोस कारण के ही लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आना.जाना कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है। वहां भी सुविधाओं की उपलब्धता के हिसाब से लक्ष्मण रेखा खींची गई है। आज सुबह से सभी क्षेत्रों में सख्ती शुरू हो गई। राशन और सब्जी लेने के लिए आना.जाना करने वालों को छोड़ अन्य लोगों के उद्देश्य की जानकारी ली गई। पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज को इस कड़ी में शामिल किया गया है। जिन मामलों में लोगों के द्वारा संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा सकी, उनकी न केवल खबर ली गई बल्कि वाहन जब्त कर लिए गए। इससे पहले सामान्य पेनाल्टी वसूल करने के साथ पुलिस ऐसे वाहनों को छोड़ रही थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। नियम पालन करवाने को लेकर पुलिस ने जांच का पैटर्न बदल दिया है। नियम की अनदेखी करने वालों को सबक सिखाने के लिए वाहन सीधे तौर पर जब्त किये जा रहे हैं। उन्हें संबंधित थाने में रखा जा रहा है। अगली कड़ी में ऐसे वाहन कोर्ट में पेश करने के बाद ही छूट सकेंगे। पुलिस ने सभी क्षेत्रों में अभियान चलाने के साथ लोगों को प्राथमिकता के तौर पर यह जानकारी देनी जारी रखी है। ऐसा करने से काफी हद तक लोग समझ सकेंगे और अन्य स्थिति में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ेगी। लॉकडाउन का पहला चरण 14 अप्रैल तक है, ऐसा माना जा रहा है। लेकिन यह इसी दिन पूरी तरह खत्म हो जाएगा इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि प्रदेश और देश भर में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन की अवधि इस माह के लिए बढ़ाई जा सकती है। आने वाले दिनों में उत्पन्न होने वाली स्थिति और लोगों की अधीरता के कारण कुछ गलत न होने पाए इसलिए अभी से सावधानी रखी जा रही है। वर्तमान में किये जा रहे अतिरिक्त सतर्कता संबंधी प्रयास इसी का हिस्सा माने जा रहे हैं।




