डायन के शक में तीन महिलाओं को प्रताडऩा एक महिला की हत्या
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ.दिनेश मिश्र ने बताया पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में जादू-टोना करने के शक में तीन महिलाओं को लाठी-डंडों से मारा गया। उनमें से एक 60 वर्षीय महिला की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना में दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। पश्चिम बंगाल में डायन प्रताडऩा विरोधी कानून बनाने की आवश्यकता है जिसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है।
डॉ दिनेश मिश्र ने बताया कि जलपाईगुड़ी जिले के नागरकता स्थित मैनाखोला गांव में हाल ही में कुछ लोगों की मौत बीमारी से हो गई थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी मौत जादू-टोना के कारण हुई। कुछ स्थानीय युवकों ने दो महिलाओं को काला जादू करने के शक में पीटना शुरू कर दिया। फिर 60 वर्षीय मोंगरा उरांव के नाम का जिक्र आया। मोंगरा उरांव को घर से बाहर घसीट कर लाया गया और उसे भी लाठी-डंडों से पीटा गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक उरांव की मौत हो चुकी थी। 50 साल से अधिक उम्र की दो महिलाओं-चमेली उरांव और कोरियो केवार को बचाया गया। उन दोनों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें मालबाजार अस्पताल में भर्ती कराया गया है पिछले कुछ महीनों से लोगों को संदेह था कि चमेली और कोरियो काला जादू का अभ्यास कर रही हैं। जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। बुधवार रात को लोगों की एक भीड़ ने चमेली और कोरियो के घरों में जाकर उन्हें पकड़ लिया। उसके बाद पास में ही रहने वाली मोंगरा उराव को उन दोनों महिलाओं का गुरु होने का आरोप लगाया गया और घर से बाहर घसीटकर लाया गया। उसके बाद तीनों को बगल के गांव मैनाखोला में ले गए और लोहे की छड़ों और डंडों से उनकी पिटाई की। इसी बीच कुछ लोगों ने नागरकता पुलिस को सूचना दी। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और महिलाओं को बचाया, हालांकि मोंगरा की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने जादू-टोना करने के संदेह में 3 महिलाओं के साथ हुई। बर्बरतापूर्ण प्रताडऩा एवम 1 महिला की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा, जादू टोने का कोई अस्तित्व नही होता और कोई महिला डायन नहीं होती है।
यह सिर्फ अंधविश्वास है, इस प्रकार किसी भी निर्दोष को प्रताडि़त करना ,उसकी हत्या करना शर्मनाक और अपराध है।
हमारी पश्चिम बंगाल सरकार से मांग है कि इस मामले में शामिल अन्य सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्हें कड़ी सजा मिले और प्रताडि़तों के परिवार को न्याय,मुआवजा मिल सके।




