आज फिर हाथरस जा सकते हैं राहुल और प्रियंका गांधी, जानें आगे क्या हो सकता है
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी आज हाथरस जा सकते हैं. कांग्रेस के दोनों नेता पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने की कोशिश कर सकते हैं. इससे पूर्व 1 अक्टूबर को राहुल-प्रियंका ने हाथरस जाने की कोशिश की थी लेकिन यूपी प्रशासन ने इन्हें पहले ग्रेटर नोएडा में परी चौक के निकट रोक दिया गया जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिए निकल गए. कुछ देर बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर इन्हें हिरासत में ले लिया.
इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने राहुल गांधी को रोकने के लिए उनके साथ धक्का-मुक्की की जिस कारण कहा गया कि वो जमीन पर गिर गए. इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित 153 नामजद और 50 अन्य लोगों के खिलाफ अपराध 155/2020 धारा 188,269,270 आईपीसी व 3 महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.
प्रियंका ने कहा – कुछ मोहरों पर कार्रवाई करने से कुछ नहीं होगा
हाथरस की घटना पर एसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया जाने की कार्रवाई पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुये सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा? इसके अलावा कांग्रेस नेता ने हाथरस दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा.
.@myogiadityanath जी कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा? हाथरस की पीड़िता, उसके परिवार को भीषण कष्ट किसके ऑर्डर पर दिया गया? हाथरस के डीएम, एसपी के फोन रिकार्ड्स पब्लिक किए जाएँ। मुख्यमंत्रीज अपनी जिम्मेदारी से हटने की कोशिश न करें। देश देख रहा है @myogiadityanath इस्तीफा दो
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 2, 2020
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट के माध्यम से राज्य सरकार से कहा कि पीड़िता के परिवार को भीषण कष्ट किसके ऑर्डर पर दिया गया? उन्होंने सरकार से मांग की और कहा कि हाथरस के डीएम, एसपी के फोन रिकार्ड्स पब्लिक किए जाएं.
यूपी सरकार नैतिक रूप से भ्रष्ट है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 3, 2020
पीड़िता को इलाज नहीं मिला, समय पर शिकायत नहीं लिखी, शव को जबरदस्ती जलाया, परिवार कैद में है, उन्हें दबाया जा रहा है - अब उन्हें धमकी दी जा रही कि नार्को टेस्ट होगा।
ये व्यवहार देश को मँजूर नहीं।
पीड़िता के परिवार को धमकाना बंद कीजिए।




