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खतरनाक होता पर्यटन: शिशुपाल पहाड़ पर रील और सेल्फी के चक्कर में अब तक 15 मौतें, प्रशासन अलर्ट पर

खतरनाक होता पर्यटन: शिशुपाल पहाड़ पर रील और सेल्फी के चक्कर में अब तक 15 मौतें, प्रशासन अलर्ट पर
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  रायपुर- बारिश के मौसम में प्राकृतिक नजारों की तलाश में युवा पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, लेकिन यह रोमांच जानलेवा साबित हो रहा है। सरायपाली के आगे शिशुपाल पहाड़ पर भीड़ बढ़ रही है, जहां फिसलन भरे पत्थरों और खड़ी ढलानों के बीच लोग जोखिम उठाकर रील और सेल्फी ले रहे हैं

बीते पांच सालों में यहां से गिरकर करीब 15 लोगों की जान जा चुकी है। भास्कर टीम ने जब मौके का जायजा लिया तो देखा कि पहाड़ की चोटी तक पहुंचना बेहद कठिन है। शुरुआत में कुछ सीढ़ियां हैं, लेकिन उसके बाद पथरीले रास्ते पर चढ़ना पड़ता है। ऊपर से 350 मीटर नीचे गिरता जलप्रपात अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है, लेकिन इसकी खूबसूरती के साथ खतरा भी जुड़ा है।

पथरीली सतह पर बारिश से काई जम गई है, जिससे फिसलन और बढ़ गई है। इसके बावजूद युवा कगार तक जाकर फोटो खिंचवाने से नहीं चूकते। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं – न चेतावनी बोर्ड, न रेलिंग।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, एक बार अचानक बारिश में युवक की फिसलने से मौत हो चुकी है। वहीं वन विभाग ने अब चेतते हुए सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं।

डीएफओ मयंक पांडे ने बताया कि पहाड़ पर रेलिंग लगाई जाएगी और ऊपर चढ़ने में सहूलियत के लिए सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। साथ ही, पहाड़ी के प्रवेश द्वार पर बैरियर लगाकर 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जा रहा है।

बारिश का मौसम रोमांच जरूर बढ़ाता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा बन सकती है।



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