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जनजाति गौरव वर्ष पखवाड़ा: शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में 'धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती' श्रद्धा और उत्साह से मनाई गई

जनजाति गौरव वर्ष पखवाड़ा: शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में 'धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती' श्रद्धा और उत्साह से मनाई गई
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 रायपुर । शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, रायपुर जनजाति गौरव वर्ष पखवाड़ा के अवसर पर आज दिनांक 14 नवम्बर 2025 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती अत्यंत उत्साह, श्रद्धा एवं गौरव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि श्रीमती प्राची भगत जी, श्री सतेंद्र मरावी जी एवं प्राचार्य डॉ एम आर खान जी, सिविल ब्रांच विभागाध्यक्ष डॉ अजय गर्ग जी, मूल विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता चौबे जी के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा एवं सभी जनजातीय महानायकों को माल्यार्पण कर मां सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया  कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि जनजातीय इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण में जनजातीय समुदाय के योगदान को पुनर्स्मरण कराने वाला एक प्रेरक मंच साबित हुआ।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता 
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम आर खान महोदय जी द्वारा की गई, जिन्होंने अपने उद्बोधन में बिरसा मुंडा द्वारा समाज सुधार, जल-जंगल-ज़मीन आंदोलन और स्वाधीनता के लिए किए गए संघर्षों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को जनजातीय समुदाय के गौरवशाली इतिहास से सीख लेने की प्रेरणा दी।
 इस अवसर पर कार्यक्रम के 
संयोजक: सहायक प्राध्यापक श्री मंगल सिंह मेरावी जी
सह–संयोजक: सहायक प्राध्यापक डॉ. शशिबाला किंडो जी
द्वारा पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
 मुख्य अतिथि का उद्बोधन – जनजातीय नायक : संघर्ष, पहचान और सामाजिक चेतना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वनवासी विकास समिति, रायपुर से श्रीमती प्राची भगत जी उपस्थित रहीं उन्होंने “जनजातीय नायकों” विषय पर अत्यंत प्रभावशाली और विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने—जनजातीय नायकों के संघर्ष, त्याग और आंदोलन की पृष्ठभूमि
जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु उनके योगदान
समाज और संस्कृति को संरक्षित रखने में उनकी भूमिका
वर्तमान पीढ़ी के लिए उनसे प्राप्त होने वाली प्रेरणाएँ
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।
उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, चिंतनशील और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में आदिवासी युवा छात्र संगठन छत्तीसगढ़ को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
संगठन से प्रदेश सलाहकार श्री सतेंद्र सिंह मरावी जी,
प्रदेश विधि प्रकोष्ठ से प्रतीक्षा एस. नेताम,
रायपुर जिला अध्यक्ष श्री शिवव्रत पैकरा,
कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।
प्रदेश सलाहकार श्री सतेंद्र सिंह मरावी जी ने
“आदिवासी जननायकों की संवैधानिक और विधिक विरासत”
विषय पर विद्यार्थियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने—
भारतीय संविधान में जनजातीय समाज को दिए गए प्रावधान,
अनुसूचित जनजातियों के अधिकार,
विधिक सुरक्षा उपाय,
तथा जनजातीय नायकों के नेतृत्व से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग
पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके पश्चात संगठन के प्रदेश तकनीकी प्रकोष्ठ से युवा छात्र संगठन छत्तीसगढ़ के उद्देश्य, कार्यशैली और छात्रहित के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया।

 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम 
आज का कार्यक्रम विद्यार्थियों की भागीदारी और उनकी प्रतिभा के कारण विशेष रूप से आकर्षक रहा। विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने जनजातीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को अपनी अनोखी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। इनमें शामिल थे—
स्थानीय जनजातीय बोली में जनजातीय नायकों पर स्टोरी टेलिंग
जनजातीय नायकों के जीवन और आंदोलन पर चलचित्र प्रदर्शनी
पारंपरिक जनजातीय नाचा (नृत्य) का सांस्कृतिक प्रदर्शन
स्थानीय जनजातीय बोली पर आधारित संगीत कार्यक्रम
और आदिवासी यूथ यूनियन का औपचारिक प्रस्तुतीकरण
विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया और जनजातीय संस्कृति की विविधता, सौंदर्य और गौरव को सभी के सामने उजागर किया।
 कार्यक्रम का महत्व और समापन 
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की ऐतिहासिक चेतना, संघर्षशीलता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक रहा।
धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में—
जनजातीय नायकों के प्रति सम्मान,
इतिहास के प्रति जिज्ञासा,
अपनी धरोहर के प्रति गर्व,
तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा
जगा गया।

कार्यक्रम का समापन प्राचार्य महोदय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजन टीम, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के समर्पणपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के  स्वयंसेवक सीमा मुचाकी, मोतीराम कश्यप, दिनेश, लक्ष्मण पटेल, दीपांजलि, चंद्रकला सोरी, राजू पटेल, अशोक, प्रकाश, दया नायक, जिज्ञासा एवं अन्य वॉलंटियर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
 


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