जल जीवन मिशन के तहत केंद्र ने छत्तीसगढ़ को 1909 करोड़ रुपये का अनुदान आवंटित किया
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रत्येक घर को स्वस्छ नल जल उपलब्ध कराने के सपने को साकार करने के लिए, केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के लिए केंद्रीय अनुदान को 2020-21 में 445.52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2021-22 में 1,908.96 करोड़ रुपये कर दिया है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, ने राज्य को 453.71 करोड़ रुपये का पहला अंश जारी कर दिया है। आवंटन में इस चार गुना वृद्धि को मंजूरी देते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 2023 तक प्रत्येक ग्रामीण घरों में नल जल आपूर्ति की व्यवस्था करने के लिए राज्य की हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। वर्ष 2019 में मिशन की शुरुआत के समय, देश के कुल 19.20 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से सिर्फ 3.23 करोड़ (17%) के पास नल से पानी की आपूर्ति थी। पिछले 21 महीनों के दौरान, कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन जैसी बाधाओं के बावजूद, जल जीवन मिशन को तेजी से लागू किया गया है और 4.25 करोड़ परिवारों को पाइप से पानी की आपूर्ति का कनेक्शन दिया गया है। विस्तार में 22% की बढ़ोतरी के साथ, वर्तमान में देश भर में 7.50 करोड़ (39%) ग्रामीण घरों में नल जल की आपूर्ति मौजूद है। गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100% घरेलू कनेक्शन प्राप्त कर लिया है और ‘हर घर जल’ बन गया है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत को मानते हुए, मिशन का आदर्श वाक्य है कि ‘कोई भी छूटा नहीं है’ और प्रत्येक गांव के सभी घरों में नल जल का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वर्तमान में 62 जिलों और 92 हजार से अधिक गांवों में प्रत्येक घर में नल जल उपलब्ध है।




