CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

कपड़े पर GST दर बढ़ाने का फैसला वापिस लेने पर केन्द्रीय वित्तमंत्री सीतारमण का चेम्बर ने किया धन्यवाद

कपड़े पर GST दर बढ़ाने का फैसला वापिस लेने पर केन्द्रीय वित्तमंत्री सीतारमण का चेम्बर ने किया धन्यवाद
Share

रायपुर : छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष- राजेन्द्र जग्गी ,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज दिल्ली में हुई जीएसटी कौंसिल की मीटिंग में कपड़ा पर 1 जनवरी 2022 से 5: के स्थान पर 12: जीएसटी लगाने के निर्णय को वापिस लिया, इस निर्णय का छत्तीसगढ़ चेम्बर ने स्वागत करते हुए केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एवं कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया सहित महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का आभार व्यक्त किया।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने इस निर्णय का प्रदेश भर के व्यापारियों की और से स्वागत करते हुए कहा कि इससे देश के लाखों कपड़ा एवं फुटवियर व्यापारियों को राहत मिलेगी जो पिछले एक महीने से ज्यादा समय से बेहद तनाव की जिंदगी जी रहे थे। श्री पारवानी ने यह भी कहा कि कपड़े की तरह फुटवियर पर भी जीएसटी दर बढ़ाने के निर्णय को स्थगित करना भी आवश्यक है।

श्री पारवानी ने केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया था कि मूल्य पर किसी भी सीमा और श्रेणी के बिना 5: की दर से एकल दर पेश की जाए और इस प्रकार जारी अधिसूचना को जिसमें टैक्स की दर को 5: से बढ़ाकर 12: कर दिया गया है, कृपया इसे तत्काल वापस लिया जाए। सरकार के इस कदम से न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि उम्मीद और निश्चितता का माहौल बनेगा।

श्री पारवानी ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए चार साल से अधिक हो गए हैं और अभी तक जीएसटी एक स्थिर कर प्रणाली नहीं बन पाई है । जीएसटी का पोर्टल भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है । उम्मीदों के विपरीत जीएसटी कर प्रणाली में बेहद विसंगतियों के कारण यह बहुत ही जटिल कर प्रणाली बन गई है ।

चेम्बर ने पूर्व में केंद्र सरकार एवं जीएसटी कौंसिल से पूरी जीएसटी कर प्रणाली पर नए सिरे से विचार कर इसे एक बेहद सरल कर प्रणाली बनाये जाने की मांग की थी जिसके अंतर्गत देश भर में ज्यादा से ज्यादा व्यापारी जीएसटी के अंतर्गत पंजीकरण कर व्यापार करें तथा सरकारों का राजस्व भी बढे़।
 



Share

Leave a Reply