छत्तीसगढ़ में उभरा टीका संकट, आरक्षण के चलते नहीं होगा एपीएल का वैक्सीनेशन...
रायपुर। 1 मई से छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ 18+ टीकाकरण अभियान अब लगभग समापन की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के कई केंद्रों में एपीएल तथा फ्रंट लाइन वर्कर्स का कोटा समाप्त हो चुका है। वहीं जिन केंद्रों में बीपीएल व अंत्योदय का टीकाकरण हो रहा है, वहां भी एक-दो दिनों के लायक डोज़ बची है। सरकारी भण्डार में भी वैक्सीन नहीं बची है। जो वैक्सीन बची है, उनका उपयोग 45+ वर्ग के दूसरे डोज़ के लिए किया जाना है।
रायपुर जिले की बात करें तो यहां 18 केंद्रों में 18+ का टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें से दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, बीटीआई परिसर, गुढियारी आदि केंद्रों परएपीएल व फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए टीका उपलब्ध नहीं है का बोर्ड लगा दिया गया है।
दुर्ग में लगभग सभी केंद्रों पर इन वर्गों का टीकाकरण बंद हो गया है। इसकी सूचना गुरुवार को ही लगा दी गई थी। आज इन वर्गों से जो लोग केंद्र पर पहुंचे उन्हें लौटकर जाना पड़ा। यहां 45 वर्ष से अधिक उम्र के लाेगों के लिए वैक्सीन के 5900 डोज मौजूद हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल 18+ को टीका लगाने में नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि सभी जिलों में 18+ का टीका खत्म होने के कगार पर है।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया, राज्य वैक्सीन भंडार में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए अब वैक्सीन नहीं बची है। पूरा स्टॉक जिलों को भेजा जा चुका है। उनके पास जितना होगा उसी से अभी टीकाकरण अभियान चलेगा। डॉ. ठाकुर ने बताया, अभी किसी वैक्सीन उत्पादक ने नई खेप भेजने की कोई सूचना नहीं दी है। ऐसे में तय नहीं है कि अपने पास वैक्सीन कब तक उपलब्ध हो जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी वैक्सीन उत्पादकों से बातचीत कर वैक्सीन को जल्दी मंगाने की कोशिश कर रहे हैं।
00 आखिरी बार शनिवार को मिली थी वैक्सीन
18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए छत्तीसगढ़ को आखिरी बार शनिवार को एक खेप मिली थी। इसमें कोविशील्ड वैक्सीन के 3.5 लाख डोज थे। अगले दिन तक इनको जिलों में भेज दिया गया था। उससे पहले एक मई को कोवैक्सीन की एक लाख 3 हजार डोज मिली थीं।




