उमस की वजह से मास्क पहनने से हो सकती है सफोकेशन की समस्या
रायपुर | मास्क पहनना कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन जब हम अकेले हों, घर पर हों तो मास्क लगाने की जरुरत नहीं है। जब भीड़ वाले स्थान व दो से अधिक लोगों के संपर्क में आने वाले हों तब मास्क पहनना चाहिए।
सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया रोग नियंत्रण और संक्रमण रोकथाम के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करना जरुरी है। कोरोना वायरस से बचाव और जानकारी ही संक्रमण के खतरे को टाल सकता है। उन्होंने कहा कोरोना वायरस लंबे समय तक रहेगा और अब हमें इसके साथ जीना सीखना होगा। ऐसे में सबसे जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क पहनने और हाथों की सफाई का हर समय ख्याल रखें।
डॉ बघेल का कहना है प्रदेश में इन दिनों मानसून की वजह से मौसम जिस तरह से गर्म और अब उमस से भरा है । ऐसे में मास्क पहन कर गर्मी में काम करने, चलने-फिरने और बात करने तक में परेशानी महसूस हो रही है। भले ही घरों में बनाए गए फेस मास्क पहने हो लेकिन कुछ लोगों की शिकायत है कि मास्क पहनने से उन्हें सफोकेशन या घुटन महसूस होती है। क्वक्वहमें सफोकेशन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ बातों पर गंभीरता से पालन करते हुए मास्क को लेकर अपने नियमों में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं|
कितना जरूरी है कार में मास्क पहनना:
अगर व्यक्ति अकेले कार में है तो बिना मास्क पहने भी रह सकता है, वहीं अगर कोई एक या एक से ज्यादा व्यक्तियों के साथ है, तो उसे कार में भी बिना मास्क पहने हुए नहीं रहना चाहिए।




