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छत्तीसगढ़ में 24 घंटे के भीतर ही मरीजों-परिजनों को नए अस्पताल से पुराने में किया शिफ्ट, यह थी वजह

छत्तीसगढ़ में 24 घंटे के भीतर ही मरीजों-परिजनों को नए अस्पताल से पुराने में किया शिफ्ट, यह थी वजह
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कांकेर: जिले के पखांजूर सिविल अस्पताल परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ 7 करोड़ की लागत से मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल बनाया गया। एक दिन पहले ही उसमें मरीजों को शिफ्ट किया गया, लेकिन 24 घंटे में ही मरीजों के साथ-साथ उनके परिजन को पुराने हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा।

इसके पीछे जो वजह है, उसे जान कर आप भी चौक जाएंगे। दरअसल नए हॉस्पिटल में आधुनिक सुविधाओं के साथ वहां टॉयलेट वेस्टर्न स्टाइल के लगे थे। ठेठ ग्रामीण आज भी अंग्रेजी के बजाय देसी लाइफस्टाइल पर ही भरोसा करते हैं। ग्रामीणों को इसका इस्तेमाल करना नहीं आता था। कुछ ने बाथरूम को टॉयलेट की तरह इस्तेमाल कर लिया तो कुछ ने वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट को कूड़ेदान समझ कर कचरा डाल दिया। 24 घंटे में ही ऐसा कुछ हो गया कि अस्पताल प्रशासन को आनन-फानन में सबको पुराने हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ गया। बीएमओ दिलीप सिन्हा के मुताबिक अब इंडियन स्टाइल के टॉयलेट बनवाए जाएंगे। 15 दिन में यह काम पूरा हो जाएगा, फिर मरीजों को शिफ्ट करेंगे।

महिलाओं के सुरक्षित प्रसव और बच्चों की देखभाल के लिए पूर्व सांसद विक्रम उसेंडी की पहल पर यह मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल का निर्माण कराया गया था। 2019 में अस्पताल भवन तैयार हुआ। जनवरी 2020 में इसके लोकार्पण की तैयारी थी, लेकिन कोरोना की वजह से लोकार्पण नहीं हुआ। हालांकि दूसरी लहर में इसे कोरोना केयर सेंटर के रूप इस्तेमाल किया गया। इसके बाद से यह खाली था और परसों ही इसमें 37 मरीजों को शिफ्ट किया गया था।



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