नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

पुलिस अधिकारियों पर महिला ने लगाए संगीन आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

पुलिस अधिकारियों पर महिला ने लगाए संगीन आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला
Share

जगदलपुर। बस्तर जिले के बड़ांजी पुलिस थाना स्टाफ के थाना प्रभारी विकास राय उनके ड्राइवर और एसडीओपी राकेश कुर्रे के विरूध्द राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी, महिला आयोग और एसपी से पुलिस के द्वारा एक महिला से मारपीट और यौन अत्याचार के आरोप लगाते हुए महिला ने शिकायत कर न्याय की मांग की है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला दीपिका (बदला हुआ नाम) निवासी जगदलपुर ने संगीन आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि वह स्वयं के यौन प्रताडऩा की शिकायत लेकर बड़ांजी थाना गयीं लेकिन वहां के थाना प्रभारी ने उल्टे उसी के विरूध्द मामला दर्ज कर उसे और उसके भाई व एक मित्र को जेल भेज दिया। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद महिला ने बड़ांजी पुलिस थाना स्टाफ के विरूध्द शिकायत दर्ज करवाई है। 

पीडि़ता का आरोप है की बड़ांजी थाने में एसडीओपी कुर्रे और थाना प्रभारी विकास रॉय ने उसके साथ बदसुलूकी की और थाना प्रभारी के ड्राइवर ने नशे में धुत्त होकर थाने में ही महिला के साथ गाली गलौच कर उसके संवेदनशील अंगों पर लात मारा गया। पीडि़ता ने कहाना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो मरने के सिवाय उसके पास कोई रास्ता नहीं है। महिला की अधिवक्ता फातिमा राजपूत का कहना है की पीडि़त महिला के खिलाफ पुलिस ने गलत धाराएं लगाकर उसे जेल भेजा था। महिला के साथ पूर्व में बैंक के सहायक प्रबंधक ने यौन दुव्र्यवहार किया और जब महिला न्याय के लिए थाने पहुंची तो उसे वहां भी अभद्रता और यौन दुर्व्यवहार के साथ मारपीट किया गया है। 

इस मामले पार संज्ञान लेते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने प्रकरण की जांच के लिए एक टीम गठित किया है। आईजी का कहना है की मामला संवेदनशील है, मामले की जांच महिला पुलिस अधिकारी के द्वारा की जाएगी। 


Share

Leave a Reply