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युवाओं ने फ्लैक्स के 2000 टुकड़ों को जोड़कर बनाया केदारनाथ धाम दुर्गा पंडाल

युवाओं ने फ्लैक्स के 2000 टुकड़ों को जोड़कर बनाया केदारनाथ धाम दुर्गा पंडाल
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो सालों बाद फिर दुर्गा पूजा की रौनक लौटी है। मठपुरैना इलाके में कुछ युवकों ने मिलकर ऐसा पंडाल तैयार किया है, जिसे देखकर हर कोई ठहर जाता है। पंडाल को केदारनाथ मंदिर की तरह बनाया गया है। इस पंडाल के भीतर मां दुर्गा और भगवान शिव के दर्शन होते हैं। यह पंडाल नव जागृति दुर्गा उत्सव समिति के युवाओं ने बनाया है।


इस पंडाल में मां दुर्गा की पूजा करने वाले पंडा सीता राम साहू ने बताया कि मठपुरैना में ही रहने वाले योगेंद्र विश्वकर्मा ने इस पंडाल का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। मोबाइल पर हम सभी अक्सर केदारनाथ धाम के फोटो-वीडियो देखा करते थे। मन में ये ख्याल भी आता है कि वहां जाएं, मगर हर कोई उतना सक्षम नहीं कि उतनी दूर सफर कर पाए। इसलिए हमने उस पवित्र धाम का स्वरूप यहीं तैयार कर दिया।


ऐसे आया आइडिया
सीता राम ने बताया कि अब लोग यहां आते हैं तो मंदिर को गौर से देखते हैं। हैरान रह जाते हैं। इसकी दीवारों को छूकर देखते हैं। दरअसल इसे हमने 2000 फ्लैक्स प्रिंट के टुकड़ों को जोड़कर बनाया है। इन टुकड़ों को उन्हीं पत्थरों की तरह प्रिंट किया गया है जैसे केदारनाथ धाम की दीवारों पर लगे हैं। हल्के साइड लुक से देखने पर पंडाल इंटरनेट पर मौजूद केदारनाथ धाम की असल तस्वीरों जैसा ही दिखाई देता है। इसे 10 से 12 दिनों की मेहनत से मोहल्ले की लोगों ने मिलकर बनाया है।

मां की कुटिया भी पसंद की जा रही
नया पारा इलाके में युवा मंडल गणेशोत्सव समिति ने एक कुटिया तैयार की है। भारतीय शास्त्रों में ऋषि मुनियों के रहने के जिस स्थान का वर्णन मिलता है। वैसे ही लुक में इस पंडाल को तैयार किया गया है। सूखी घास और बांस से मिलाकर इसे झोपड़ी नुमा पंडाल को तैयार किया गया है। इसके अंदर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। इस पंडाल के पास से भी गुजरने वाले लोग बिना इस नजारे को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद किए आगे नहीं बढ़ते।



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