BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

चाणक्य नीति: अच्छे व बुरे व्यक्ति की परख करते समय रखें इन बातों का ध्यान

चाणक्य नीति: अच्छे व बुरे व्यक्ति की परख करते समय रखें इन बातों का ध्यान
Share

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं का जिक्र किया है। कहा जाता है कि आचार्य चाणक्य की नीतियों का अनुसरण करने वाले व्यक्ति को हार का सामना नहीं करना पड़ता है। महान अर्थशास्त्री व कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने एक श्लोक के जरिए बताया है कि अच्छे व बुरे व्यक्ति की परख करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मनुष्य का चरित्र- 

आचार्य चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र से होती है। व्यक्ति का चरित्र उसकी पहचान खोल कर रख देता है। आपके किसी करीबी का चरित्र ऐसा है कि लोग उसकी तारीफ करते हैं, तो इसका मतलब है वह आपके लिए सही है। अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसके चरित्र की लोग बुराई करते हों, उसकी संगति से दूर रहना चाहिए।

मनुष्यता का भाव- 

आचार्य चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति के अंदर मानवता का भाव होना बेहद जरूरी है। जिन व्यक्तियों के अंदर मानवता का भाव होता है, उन्हें लोग पसंद करते हैं। मान-सम्मान हासिल होता है। जिन लोगों के अंदर मानवता नहीं होती, वह दूसरों के सुखों से परेशान रहता है।

व्यक्ति की आदतें- 

चाणक्य कहते हैं कि जिन लोगों के अंदर आलस्य भरा होता है और वह झूठ बोलते हैं। ऐसे लोगों से दूर रहना ही बेहतर होता है। क्योंकि ऐसे लोग मुश्किलें लाने के अलावा कुछ नहीं कर सकते हैं।

मनुष्य के कर्म- 

नीति शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के कर्म ही उसकी अच्छाई व बुराई की परख कराते हैं। अगर व्यक्ति दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है, इसका अर्थ है कि वह अच्छे कर्म वाला है। दूसरों की बुराई व मदद न करने वालों की संगति से दूर रहना चाहिए।

 


Share

Leave a Reply