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Chanakya Niti: सफलता पाने के लिए चखना होंगे इस कड़वे वृक्ष के दो फल, जानें चाणक्य नीति क्या कहती है

Chanakya Niti: सफलता पाने के लिए चखना होंगे इस कड़वे वृक्ष के दो फल, जानें चाणक्य नीति क्या कहती है
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 Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने जीवन के हर पहलू पर अपने अनमोल विचारों का विचारों का पिटारा बनाया है. जिसका नाम है नीति शास्त्र. ये चाणक्य के अनुभवों का संग्रह है जो मनुष्य की हर कदम पर मदद करता है. इनका अनुसरण करने वाले जिंदगी की चुनौती का बेहतर ढंग से सामना कर पाते हैं और सफलता के पथ पर बिना डगमगाए चल पाता है. चाणक्य ने सुखी जीवन, जिंदगी में कामयाबी पाने और विपरीत परिस्थिति में कैसा व्यवहार करना चाहिए इस विषय पर प्रकाश डाला है. आइए जानते हैं क्या है इस पर चाणक्य के विचार.

संतान, संगीनी और संतुष्टि

चाणक्य कहते हैं जिस व्यक्ति की संतान उसका मान-सम्मान करें, जो पत्नी आज्ञा के अनुसार आचरण करती है और जो व्यक्ति अपनी कमाई से संतुष्ट रहता है. ऐसे मनुष्य के लिए यह संसार स्वर्ग के समान है.

इस कड़वे वृक्ष के दो मीठे फल का स्वाद लें

चाणक्य कहते हैं कि जीवन में तरक्की पाना है तो संसार रूपी कड़वे वृक्ष के दो मीठे फल का स्वाद जरूर चखना पड़ेगा तभी सही राह मिलेगी और सफलता हासिल करने में कामयाब होंगे. चाणक्य के अनुसार संसार एक कड़वा वृक्ष है जिसके दो मीठे फल हैं मधुर वाणी और सज्जनों की संगत. वाणी आपका काम बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है वहीं सज्जनों की संगति से आपका व्यक्तित्व निखरता है. सज्जन व्यक्ति आपको कभी गलत राह पर नहीं जाने देगा.

भाग्य पर भरोसा न करें

चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति परिश्रम से जी चुराता है और किस्मत के भरोसे बैठता है. उसे जीवन में सिर्फ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं. चाणक्य कहते हैं कि नसीब पर नहीं खुद की मेहनत पर भरोसा करें क्योंकि ईमानदारी और लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं और नसीब के भरोसे नहीं बैठते उन्हें सफलता जरूर मिलती है.


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