छत्तीसगढ़ स्तरीय श्रमण संघीय महिला अधिवेशन संपन्न
छत्तीसगढ़ स्तरीय श्रमण संघीय महिला अधिवेशन अभ्युदय हर्ष एवं उल्लास के वातावरण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आय श्रमण संघ महिला मंडल एवं श्रमण संघ परिवार के महिला सदस्यों की समृद्ध उपस्थिति के मध्य आनंद मधुकर रतन भवन के प्रांगण में साध्वी श्री प्रिय दर्शना श्री जी के सानिध्य में सआनंद संपन्न हुआ
आचार्य भगवन ध्यान योगी शिव मुनि जी युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी एवं छत्तीसगढ़ प्रवर्तक रतन मुनि जी महाराज के मंगल मंगल संदेश के साथ महिला अधिवेशन प्रारंभ हुआ
श्रमण संघ महिला मंडल दुर्ग एवं श्रमण संघ दुर्ग के आतिथ्य में आयोजित महिला अधिवेशन की मुख्य अतिथि वक्ता श्रीमती बसंती जी संचेती मलकापुर महाराष्ट्र एवं रितु जी चौरडिया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रेरक उद्बोधन ने महिला अधिवेशन में समा बांधा श्रीमती रितु चौरडिया ने महिला अधिवेशन के संदेश संगठन समर्पण एवं सृजन पर महिलाओं की भूमिका ऊपर विशेष रूप से प्रकाश डाला
महिला अधिवेशन की विधि प्रमुख वक्ता श्रीमती बसंती जी संचेती पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा के प्रेरक उद्बोधन ने गुरुओं के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण रखने की बात कहते हुए संगठन एक सूत्र में बंधे इस विषय पर बहुत ही सारगर्भित बातें महिला अधिवेशन में प्रमुख रूप से कहीं साध्वी प्रिय दर्शना श्रीजी एवं साध्वी डॉ विचक्षण श्री ने के मार्गदर्शन में आयोजित इस महिला अधिवेशन को संबोधित करते हुए साध्वी रत्न ज्योति ने श्रमण संघ की एकता और अखंडता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला साध्वी डॉ विचक्षण श्री ने महिलाओं को संगठन समर्पण और सृजन की दूरी बताते हुए इनक्रीस उक्त तीनों विषय पर महिलाएं विशेष रुप से खरी उतरती है उनके बिना ना तो संगठन की ना तो समर्पण की और ना तो सृजन की कल्पना भी की नहीं की जा सकती है
श्रमण संघ महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सरिता श्री श्री माल ले अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रमण संघ महिला मंडल के प्रयासों की व्याख्या की कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सपना संचेती रुचिका बाघमार एवं रचिता श्री श्री माल ने विभिन्न क्षेत्रों से आय श्रमण संघ महिला मंडल के सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिनमें दुर्ग रायपुर बीजा धमतरी बालाघाट के महिला सदस्यों ने श्रमण संघ कैसे आगे और बड़े उस विषय पर अपनी बातें रखी एवं साध्वी श्री से छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कम से कम तीन चातुर्मास और करने की विनती भी रखी श्रमण संघ के अध्यक्ष निर्मल बाफना एवं मंत्री टीकम छाजेड़ ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र से के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया कार्यक्रम की समाप्ति गुरु वंदना जैन ध्वज वंदना एवं मंगल पाठ के साथ अधिवेशन की समाप्ति हुई








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