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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- अन्य राज्यों को अब नहीं दे सकते ऑक्सीजन

 मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- अन्य राज्यों को अब नहीं दे सकते ऑक्सीजन
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तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह किसी भी राज्य को और ऑक्सीजन नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि, `हम पहले ही भारी मात्रा में पड़ोसी राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई कर चुके है और अब हमारे पास केवल 86 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का स्टॉक बचा है।` उन्होंने चिट्ठी में कहा कि केरल ने केंद्र सरकार के आदेश पर 10 मई तक 40 मैट्रिक टन वैक्सीन तमिलनाडु को दी है और वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए केरल अब और अधिक ऑक्सीजन किसी को भी नहीं दे सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में केरल में 4,02,640 कोरोना के सक्रिय मामले हैं और 15 मई तक यह संख्या 6 लाख के करीब जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण उन्हें 15 मई तक 450 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पडे़गी।

विजयन ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में आगे कहा कि कांझीकोड़ में स्थित ऑक्सीजन उत्पादन यूनिट अभी शुरू नहीं हुई है और उसकी उत्पादन क्षमता 150 मैट्रिक टन की है। इसके अलावा अन्य छोटी इकाई जो ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है उनकी क्षमता 219 मैट्रिक टन प्रतिदिन की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई स्टील प्लांट भी नहीं है और ऐसे में किसी और राज्य को ऑक्सीजन की सप्लाई करना मुश्किल है। उन्होंने पीएम से अनुरोध किया कि राज्य में जो ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है वह केवल केरल को ही सप्लाई की जाए।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में हमने केंद्र सरकार पर कोई दबाव नहीं डाला और 450 मीट्रिक टन का बफर स्टॉक सुनिश्चित किया, लेकिन पड़ोसी राज्यों की जरूरत के कारण हमें उसे उन राज्यों को सप्लाई करना पड़ा। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रायोजेनिक टैंकर भेजने की भी मांग की। मालूम हो कि केरल कोरोना की दूसरी लहर में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण वहां 16 मई तक कड़ा लॉकडाउन लगाया गया है।

राज्य में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 28.88 प्रतिशत है जबकि मात्र 17.38 लोगों का टीकाकरण हुआ है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों आपातकाल स्थिति को छोड़कर केवल कोरोना के केसों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

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