कश्मीर मामले में एक बार फिर साजिश रचने में नाकाम चीन और पाक...
यूएनएससी में भारत के साथ आए अमेरिका और फ्रांस
वॉशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर मुद्दा उठाने को लेकर समर्थन पाने की पाकिस्तान की कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई। चीन को छोड़कर किसी और देश ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। यूएनएससी में भारत ने भी स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के लिए पाकिस्तान को कुछ अहम मसलों पर फोकस करना होगा। दरअसल, पिछली बार नाकाम रहने के बावजूद पाकिस्तान ने चीन के जरिए बुधवार को फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश की थी। बैठक के दूसरे सदस्य देशों ने इसे भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा बता दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने इसे भारत के लिए बड़ी कामयाबी बताया है।
इस बैठक का आयोजन एक अफ्रीकी देश से संबंधित मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था। लेकिन चीन ने कश्मीर मुद्दे पर विचार-विमर्श करने का अनुरोध किया, लेकिन सदस्य देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताकर चर्चा करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर यूएनएससी में चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है। इन देशों के मुताबिक कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है। चीन को छोड़कर किसी भी अन्य यूएनएससी सदस्य ने बैठक के समाप्त होने के बाद इस पर टिप्पणी नहीं की।
चीनी राजदूत झांग जुन ने कहा, हमने जम्मू-कश्मीर को लेकर बैठक की थी। मुझे पूरा भरोसा है कि आप सब लोगों को पता होगा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद को चिट्ठी लिख कहा है कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालातों पर गौर करना चाहिए। मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं। बातचीत मददगार होगी और इससे सब हल हो सकता है।
अफ्रीकी देशों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद् की बंद कमरे में बैठक बुलाई गई। चीन ने कोई अन्य कामकाज बिंदु के तहत कश्मीर मुद्दे पर चर्चा का अनुरोध किया। इस पर फ्रांस का रुख नहीं बदला है और यह बहुत साफ है कि कश्मीर मुद्दे का हल अवश्य ही द्विपक्षीय तरीके से किया जाए। गौरतलब है कि पिछले महीने फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने यूएनएससी की बंद कमरे में हुई एक बैठक में कश्मीर मुद्दा पर चर्चा कराने की चीन की कोशिश नाकाम कर दी थी। जम्मू कश्मीर का भारत द्वारा पुनर्गठन किया जाना चीन को नागवार गुजरा है।
गौरतलब है कि हाल ही में यूएन की बैठक में पाकिस्तान ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने के बाद वहां के हालात सामान्य नहीं हैं। स्थानीय नेताओं को उनके घरों में कैद किया गया है। इंटरनेट सहित कई सेवाएं अभी भी बंद हैं। भारत कई सार्वजनिक मंचों से घाटी के हालात सामान्य बता रहा है। पाकिस्तान को जवाब देते हुए सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, दुनिया आपके झूठ से तंग आ चुकी है। सब आपका सच जानते हैं और अब हमारे खिलाफ झूठ फैलाना बंद करें। कोई भी आपकी बात मानने को तैयार नहीं है।







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