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कांग्रेस ने 0-100 यूनिट की खपत करने वाले अति गरीब वर्ग को भी नही बक्शा उनकी बिजली भी महंगी की- विष्णु देवसाय

कांग्रेस ने 0-100 यूनिट की खपत करने वाले अति गरीब वर्ग को भी नही बक्शा उनकी बिजली भी महंगी की- विष्णु देवसाय
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रायपुर | कोरोना के इस संकट काल में बिजली की वृद्धि से प्रदेश की जनता बुरी तरह परेशान और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। हर हाल में कांग्रेस को यह बढ़ोत्तरी वापस लेना चाहिए।

बिजली बिल हाफ का वादा करके सत्ता पाने वाली कांग्रेस ने बिजली की दरें बढ़ाकर जनता के साथ धोखा किया। कोरोनाकाल में जनता को 8 पैसे की राहत न देने वाली सरकार ने बिजली की दरें 8% बढ़ाकर जनता के साथ अन्याय किया है।

नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए घरेलू बिजली की औसत दर 6.41 निर्धारित की है जो पिछले वर्ष 5.93 प्रति युनिट थी। यह दर अब पिछले साल की तुलना में 48 पैसे प्रति युनिट ज़्यादा है। प्रदेश जब कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तब जनता को राहत देने के बजाय प्रदेश सरकार डाका डालने पर उतारू है।

कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी न केवल कोरोना काल में जनता की कमर तोड़ने वाला है बल्कि यह प्रदेश की जनता के साथ किया जाने वाला एक और विश्वासघात है।

सत्ता में आते ही अन्य सभी वादों की तरह सबके लिए बिजली बिल हाफ करने के वादे से पलटते हुए उसे मात्र घरेलू खपत तक, मात्र दो सौ यूनिट तक सीमित कर जनता से धोखा किया ही था, अब उससे भी आगे बढ़ते हुए अब बिजली की कीमत बढ़ा ही दी है।

बिजली बिल हाफ़ का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस की सरकार ने बिजली की औसत दरों में सीधे-सीधे 08 फ़ीसदी बढ़ोतरी कर दी है। इससे बड़ी धोखेबाज़ी क्या हो सकती है।

कोरोना आपदा काल में प्रदेशवासियों को 8 पैसे की भी राहत नहीं देने वाली प्रदेश सरकार की कुनीतियों ने प्रदेश को आर्थिक संकट और अनाप-शनाप कर्ज़ों के दलदल में धकेल दिया है। प्रदेश सरकार की इस बदनीयती का दुष्परिणाम जनता को भोगना पड़ेगा।

भाजपा शासन में बिजली सरप्लस वाला स्टेट देखते ही देखते अघोषित बिजली कटौती से परेशान है ही, इससे न केवल किसानों को नुकसान हो रहा है बल्कि हर वर्ग त्रस्त है। अब इस कटौती से सबसे गरीब पर सबसे अधिक मार पड़ रहा है। कांग्रेस सरकार ने गरीबों का ख़ास कर जीना मुहाल कर दिया है।

महंगाई का रोना रोने वाली और हर चौक-चौराहों पर महंगाई के नाम पर नौटंकीनुमा प्रदर्शन कर झूठ फैलाती कांग्रेस ने अब जनता की जेब काटने का प्रावधान बिजली दर बढ़ाकर कर लिया है। महंगाई के नाम पर मिथ्या प्रलाप करती कांग्रेस ने देश को हाल ही ग़ुमराह तक करने में कोई क़सर बाकी नहीं रख छोड़ी थी।  बिजली दरों में यह बढ़ोतरी तो कांग्रेस सरकार की कुनीतियों और कुशासन की एक झलक है।

यह वृद्धि कर सरकार खुद माफिया की तरह काम कर रही है। न केवल बिजली बल्कि सरकार समर्थित माफियाओं के कारण रेत, सीमेंट आदि की कीमत भी आसमान छू रही है। ऐसा इससे पहले कभी नहीं रहा। जीवन भर की कमाई से पाई-पाई जोड़ कर हर व्यक्ति एक घर बनाने का सपना देखता है, उस सपने पर भी कुठाराघात कर रही है यह सरकार। वास्तव में सड़क पर ला पटका है कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को।

कांग्रेस के राज में प्रदेश जिस तरह डूब रहा है, वित्तीय हालात ख़राब हैं, उस स्थिति में जनता की जेब ही हर बार काटी जाएगी। प्रदेश सरकार ने वितीय अनुशासनहीनता  कर जो कर्ज़ों का बोझ लादकर प्रदेश को घाटे में ला पटका है, उसकी भरपाई यह  सरकार अब जनता से ही करेगी। अब प्रदेश की जनता इस प्रदेश सरकार को सबक सिखाने तैयार हो जाए।

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