BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

जाति जनगणना पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, तीन अहम सुझाव दिए

जाति जनगणना पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, तीन अहम सुझाव दिए
Share

 नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर जाति जनगणना के मुद्दे पर पत्र लिखा है। इस पत्र में खड़गे ने न सिर्फ पुरानी मांग को दोहराया, बल्कि जातीय जनगणना को लेकर तीन महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं, जिन पर विचार करने का आग्रह उन्होंने प्रधानमंत्री से किया है।

खड़गे ने अपने पत्र में लिखा, “मैंने 16 अप्रैल 2023 को आपको पत्र लिखकर जाति जनगणना कराने की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मांग आपके सामने रखी थी। दुर्भाग्य से, मुझे उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर इस जायज मांग को उठाने को लेकर बार-बार हमले किए।

खड़गे ने यह भी कहा कि अब जबकि खुद प्रधानमंत्री जातीय जनगणना की जरूरत को स्वीकार कर रहे हैं और इसे सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण के हित में बता रहे हैं, तो उन्हें इसे लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पत्र में तीन सुझाव रखे हैं:

1. देशभर में जातीय जनगणना कराई जाए, जिससे पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
2. जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि नीति निर्धारण में उनका समुचित उपयोग हो सके।
3. जातिगत असमानताओं को दूर करने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएं, जिनका आधार यह जनगणना बने।

खड़गे के इस पत्र को आगामी लोकसभा चुनावों से पहले सामाजिक न्याय के मुद्दे को और अधिक प्रासंगिक बनाने की कांग्रेस की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।


Share

Leave a Reply