राहुल गांधी के 'हिंदूवाद' पर चौतरफा घिरी कांग्रेस, उनके ही सांसद ने उठाए सवाल
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने "हिंदुत्व और हिंदूवाद'' के बहस को स्पष्ट करने की कोशिश की है। इसके लिए उन्होंने ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी को अपनी मूल विचारधारा के साथ रहना चाहिए। हालांकि, इस क्रम में उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम नहीं लिया। हालांकि वह उनके तर्कों से असहमत जरूर दिखे।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने हिंदू धर्म के इर्द-गिर्द होने वाली बहस पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने कहा, "मैं इस हिंदू धर्म और कांग्रेस में हिंदुत्व की बहस से स्पष्ट रूप से भ्रमित हूं। अगर मैं अपनी राजनीति को हिंदू धर्म या हिंदुत्व पर आधारित करना चाहता हूं, तो मुझे हिंदू महासभा में होना चाहिए। अगर मैं इसे इस्लाम पर आधारित करना चाहता हूं, तो मुझे जमात-ए-इस्लामी में होना चाहिए। मुझे आईएनसी इंडिया में क्यों होना चाहिए?”
कांग्रेस नेता ने राशिद अल्वी, सलमान खुर्शीद और मणिशंकर अय्यर की ओर इशारा करते हुए पूछा, "समय हमेशा गलत क्यों होता है? ये लोग जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना है, वे हमें चुनाव से पहले मुश्किल में क्यों डाल रहे हैं?” उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को लंदन में बैठकर भी बहस क्यों छेड़नी पड़ी? इसने भाजपा को एक थाली दी। टीएमसी और एसपी जैसे अन्य दलों को देखें, वे इससे दूर रहते हैं।”
समस्या की शुरुआत सलमान खुर्शीद की किताब से हुई, जिसमें आरएसएस की तुलना आतंकवादी संगठनों ISIS और बोको हराम से की गई है। आरएसएस को भले ही एक धार्मिक संगठन के रूप में नहीं देखा जा सकता है, लेकिन यह हिंदू धर्म के दर्शन में गहराई से समाया हुआ है और कोर हिंदू वोट बैंक इसे इसी तरह देखता है।
1/1 InHinduism VS Hindutva debate some people in @INCIndia miss a fundamental point.If I were to believe that my religious identity should be basis of my politics then I should be in A Majoritarian or Minoritarian Political Party.I am in @INCIndia because I believe in Nehruvian
— Manish Tewari (@ManishTewari) November 17, 2021







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