BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की अपील को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा....

कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की अपील को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा....
Share

नई दिल्ली : कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विपक्ष शासित राज्यों से पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट कम करने की अपील को लेकर उन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका संघवाद सहकारी नहीं, बल्कि अवरोध पैदा करने वाला है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ईंधन की अत्यधिक कीमतों के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराइये ! कोयले की कमी के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराइये ! ऑक्सीजन की कमी के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराइये ! ईंधन पर लगने वाले कर का 68 प्रतिशत हिस्सा केंद्र लेता है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, मोदी का संघवाद सहकारी नहीं है। यह प्रतिरोधी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया कि जिस दिन प्रधानमंत्री ने राज्यों की आलोचना की, उसी दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के बारे में सूचना देकर उन्हें ‘शर्मिंदा’ कर दिया। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने 31, मार्च 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए राज्यों को आठ महीने का जीएसटी क्षतिपूर्ति बकाया पहले ही जारी कर दिया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार ने आठ महीने का जीएसटी क्षतिपूर्ति बकाया जारी कर दिया है और उपकर कोष में अपर्याप्त राशि होने के कारण 78,704 करोड़ रुपये लंबित हैं। चिदंबरम ने ट्वीट किया, राज्यों को जीएसटी का और बकाया चाहिए। राज्य जिस बकाया राशि का दावा कर रहे हैं, अगर उसे जोड़ दिया जाए तो कुल राशि कहीं अधिक होती है। ‘कंट्रोलर ऑफ गर्वनमेंट अकाउंट्स’ (सीजीए) इसे प्रमाणित कर सकता है कि सही राशि क्या है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, तेल की कीमतों में खेल करके मोदी सरकार 26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वसूली कर चुकी है। फिर भी राज्यों पर दबाव डाला जा रहा है। ऐसा क्यों? 


Share

Leave a Reply