BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

कर्नाटक चुनाव में सीपीआई ने कांग्रेस को दिया समर्थन, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का दिया हवाला…

कर्नाटक चुनाव में सीपीआई ने कांग्रेस को दिया समर्थन, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का दिया हवाला…
Share

 बेंगलुरु। कर्नाटक के आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है. चुनाव मैदान में अपने स्वयं के सात उम्मीदवारों को उतारने के बावजूद सीपीआई ने हा कि वह ‘लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा’ के हित में बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस का समर्थन करेगी.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बीजेपी राज्य सरकार एक भ्रष्ट और नैतिक रूप से निंदनीय प्रशासन साबित हुई है, जो अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के वास्तविक मुद्दों की अनदेखी करते हुए केवल सांप्रदायिक वैमनस्य के बीज बोने में रुचि रखती है.

पार्टी ने कहा कि ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराना हमारा कर्तव्य है. ऐसी स्थिति में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना से बचना भी महत्वपूर्ण है, जिसमें आईटी और ईडी विभागों के माध्यम से भाजपा द्वारा एक बार फिर से खरीद-फरोख्त के लिए धन और बाहुबल का इस्तेमाल किया जाएगा. लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाकपा ने यह कदम उठाया है.

 
 

Share

Leave a Reply