BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

डालमिया ग्रुप ने किया कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च

डालमिया ग्रुप ने किया कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च
Share

देहरादून , कोविड-19 से सुरक्षा के लिए डालमिया ग्रुप हर्बल कंपोजिशन ''डीएचएल कोरोना वायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल लॉन्च कर रहा है। यह दवाई 16 मार्च, 2020 को लॉन्च की जाएगी तथा सभी फार्मेसीज पर मिलेगी। यह भारत में ऑनलाईन रिटेल प्लेटफॉर्म, डालमिया बेस्ट प्राईज पर भी मिलेगी। इस दवाई के 60 कैप्सूल के पैक का मूल्य 480 रु. है। डालमिया ग्रुप ऑफ कम्पनीज के चेयरमैन संजय डालमिया का कहना है कि डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल एक पॉलिहर्बल कॉम्बिनेशन है, जो कोरोना वायरस से सुरक्षा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रतिरोधी शक्ति को मजबूत करता है और ब्रोंकोडाईलेटर, डिकॉन्जेस्टेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं लंग डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। इससे संक्रमण को कम करने और एलर्जिक रिएक्शंस को ठीक करने में मदद मिलती है। यह श्वसन नली के म्यूकोसा तथा फेफड़ों में वायुमार्ग का निर्माण करने वाली मांसपेशियों की दीवारों पर काम करता है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रभाव है जो फेफड़ों के अंदर सूजन एवं रुकावट को कम करता है। इसके निरंतर उपयोग से फेफड़ों एवं मांसपेशियों को होने वाला नुकसान कम होता है तथा उनके कार्य में सुधार होता है।डालमिया सेंटर फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (डीसीआरडी) ने कई सालों की विस्तृत शोध के बाद 15 औषधियों का एक पॉलिहर्बल कॉम्बिनेशन विकसित किया है, जिसे आस्था-15 का नाम दिया गया है। हमने इसी कंपोजिशन तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति में वर्णित सभी महत्वपूर्ण जड़ीबूटियों से डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल बनाया है। डीएचएल कोरोनावायरस प्रिवेंटिव कैप्सूल पर स्पेशियल्टी गवर्नमेंट हॉस्पिटल फॉर थोरेसिक मेडिसीन, चेन्नई, भारत में रैंडमाईज्ड डबल ब्लाईंड, प्लेसेबो कंट्रोल्ड अध्ययन किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेस्पिरेटरी फिजिशियंस के निर्देशन में हुआ। इसके बाद समीक्षकों ने नैतिक रूप से अनुमोदित क्लिनिकल प्रोटोकॉल का पालन कर आधुनिक दवाईयों की तुलना में डीएचएल कोरोनावायरस की प्रभावशीलता की जाँच की।
डीएचएल कोरोनावायरस में मौजूद 15 जड़ीबूटियों का अद्वितीय मिश्रण व्यक्ति की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है। यह ब्रोंकोडाईलेटर, डिकॉन्जेस्टैंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं लंग डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। डीसीबीटी4567- डीएचएल कोरोनावायरस के उपयोग पर डबल-ब्लाईंड अध्ययन में यह पाया गया कि इस दवा की इस्तेमाल करने वाले मरीजों में डिस्पनिया, सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी, विकलांगता एवं नींद की अनियमितता में काफी कमी (95 प्रतिशत) आई। ब्रांड आस्था-15 से निर्मित डीएचएल कोरोनावायरस के अभी तक कोई साईड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं, जो आम तौर पर एलोपैथिक दवाईयों के होते हैं। कोविड-19 यानि कोरोनावायरस दुनिया में 87,000 से ज्यादा लोगों को प्रभावित कर चुका है। इसके लक्षण फ्लू की तरह होते हैं, जिनमें नाक का बहना, कफ, बुखार, शरीर में दर्द एवं सांस फूलना शामिल हैं। फेफड़ों में प्रतिदिन लगभग 7000 लीटर हवा पहुंचती है। ये वायरस हवा से फैलने के कारण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंच जाते हैं, जहां ये सैल मशीनरी पर हमला करते हैं और तेजी से विस्तार करने लगते हैं, जिससे व्यक्ति की प्रतिरोधी शक्ति कम हो जाती है और उसके शरीर में फ्लू के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। वायरस के कारण सांस फूलने लगती है, जो एलवियोलर सैल्स की लाईनिंग को हुए नुकसान की वजह से होता है। जड़ी बूटियों और पौधों में आम तौर पर अनेक एक्टिव कैमिकल्स होते हैं, इसलिए इन स्रोतों से बनाई गई दवाईयों से मरीज के स्वास्थ्य को अनेक फायदे होते हैं। फाईटोमेडिसींस में अनेक एक्टिव कंपाउंड्स की मौजूदगी के कारण, ये विविध सिस्टम को प्रभावित करने वाली इन्फ्लेमेटरी डिजीज एवं अन्य लक्षणों के इलाज के लिए सर्वोत्तम हैं।

 


Share

Leave a Reply