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डीजीपी व एसपी को कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में न्यायालयीन अवमानना का नोटिस

डीजीपी व एसपी को कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में न्यायालयीन अवमानना का नोटिस
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वमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ व बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। मुंगेली जिला मुख्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मी राजकुमार सिंह ने वकील एसबी पांडेय के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर समयमान वेतनमान देने की गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि पुलिस विभाग में उसकी ज्वाइनिंग वर्ष 1985 की है। विभागीय अधिकारियों ने ज्वाइनिंग तिथि की गणना में चूक करते हुए समयमान वेतनमान का लाभ से वंचित कर दिया है। याचिकाकर्ता ने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि नियुक्ति दिनांक से 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पहला समयमान वेतनमान का लाभ शासन द्वारा दिया जाता है। इसके बाद 10 वर्ष और फिर 30 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर अंतिम समयमान वेतन का लाभ दिया जाता है। नियुक्ति तिथि में गड़बड़ी किए जाने के कारण समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मामले की सुनवाई जस्टिस पी सेम कोशी की सिंगल बेंच में हुई थी। प्रकरण की सुनवाई के बाद जस्टिस कोशी ने विभाग में अभ्यावेदन पेश करने और तीन महीने के भीतर प्रकरण का निराकरण करने राज्य शासन को निर्देशित किया था।
हाई कोर्ट के निर्देश के छह महीने बाद भी मामला का निराकरण नहीं किया गया है। इससे परेशान याचिकाकर्ता ने अपने वकील के जरिए पुलिस महानिदेशक और बिलासपुर एसपी को कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में न्यायालयीन अवमानना का नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस कोशी की सिंगल बेंच में हुई । जस्टिस कोशी ने पुलिस महानिदेशक और एसपी बिलासपुर को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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