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मीडिया को न दें दिल्ली हिंसा से जुड़े किसी भी आरोपी की जानकारी, हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

मीडिया को न दें दिल्ली हिंसा से जुड़े किसी भी आरोपी की जानकारी, हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
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नई दिल्ली | दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को हिंसा को लेकर निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली हिंसा से जुड़े किसी भी आरोपी समेत पिंजरा तोड़ ग्रुप के सदस्यों को लेकर मीडिया में कोई बयान नहीं देंगे. साथ ही थर्ड पर्सन या किसी पत्रकार को किसी आरोपी की कोई जानकारी भी नही देंगे. कोर्ट ने सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में कोई भी जानकारी साझा करने से मना किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने क्राइम ब्रांच को ये निर्देश दिए हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने डीसीपी क्राइम ब्रांच को निर्देश दिया है कि वो कोर्ट में 2 सप्ताह के भीतर एफिडेविट दायर कर बताएंगे कि क्या किसी आरोपी के बारे किसी थर्ड पर्सन यानी पत्रकार या सोशल मीडिया में कोई जानकारी दी गयी है या नहीं? दरअसल, पिंजरा तोड़ ग्रुप की सदस्य देवांगना कलिता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर क्राइम ब्रांच पर आरोप लगाया है कि मीडिया या सोशल मीडिया पर आरोपियों के बारे में जानकारी लीक की जा रही है.
याचिका में कहा गया है कि जबकि मामले में जांच अभी भी जारी है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है और क्राइम ब्रांच के अधिकारी सेलेक्टिवली किसी आरोपी के बारे में कर रहे हैं. इस पर ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली क्राइम ब्रांच को निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को है. मामले पर सुनवाई बीते बुधवार को हुई थी. इसके बाद कोर्ट ने निर्देश जारी किया. बता दें कि भारत सारकार द्वारा जारी नागिरकता संसोधन कानून को लेकर दिल्ली में विरोध के दौरान हिंसा हुई थी. इसी मामले में दिल्ली की क्राइम ब्रांच पुलिस जांच कर रही है. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.
 

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