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चुनाव आयोग ने दी मल्लिकार्जुन खड़गे को नसीहत' कहा- बयान सोच-समझकर दें

चुनाव आयोग ने दी मल्लिकार्जुन खड़गे को नसीहत' कहा- बयान सोच-समझकर दें
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 नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे फेज की वोटिंग हो चुकी है। तीनों फेज में पिछले चुनाव के मुकाबले कम वोटिंग हुई। जबकि चुनाव आयोग ने वोटिंग डेटा भी देर से जारी किए। इसे लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA अलायंस के नेताओं को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर वोटर टर्नआउट में देरी और हेरफेर करने के आरोप लगाए थे। इसे लेकर चुनाव आयोग ने शुक्रवार (10 मई) को कहा कि खड़गे को नसीहत दी है।

आयोग ने कहा- खडग़े के आरोप बेबुनियाद और बेतुके हैं। मतदान के आंकड़े देने में कोई भी देरी नहीं हुई। उन्होंने ऐसे आरोप लगाकर लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया पर हमला करने की कोशिश की है। चुनाव के बीच में ऐसे आरोप लगाने से जनता में कन्फ्यूजन फैलता है और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में दिक्कतें पैदा करता है।

ईसीआई ने कहा कि फाइनल वोटिंग डेटा हमेशा वोटिंग के दिन से ज्यादा ही रहता है। 2019 के चुनाव के बाद से हम मेट्रिक्स पर इसे अपडेट कर रहे हैं। हमारे डेटा कलेक्ट करने के तरीके में कोई भी गड़बड़ी नहीं है।

चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे की चिट्ठी पर संज्ञान लेते हुए उनकी बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि ऐसे बयानों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति लोगों का भरोसा कम होता है। मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। आयोग ने कहा कि मतदान के दौरान वोटिंग डेटा बताने से वोटरों में भ्रम की स्थिति हो सकती है। वैसे भी आयोग के ऐप पर सारा डेटा अपलोड होता रहता है। आम जनता को वोटिंग पर्सेंटेज का लाइव अपडेट भी दिया जाता है. लिहाजा ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।


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