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संविदा नियुक्ति में ही रिश्वत लेने पर बिजली इंजीनियर को चार वर्ष की कैद

संविदा नियुक्ति में ही रिश्वत लेने पर बिजली इंजीनियर को चार वर्ष की कैद
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इंदौर : जिला कोर्ट ने बिजली कंपनी इंदौर के रिश्वतखोर सहायक यंत्री (एइ) सुनील ओझा को चार वर्ष की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। संविदा पर नियुक्त हुए आरोपी एइ छह वर्ष पूर्व इंदौर जिले के देपालपुर में पाँच हजार रुपए की रिश्वत लेते लगभग साढ़े छह साल पहले रंगेहाथ पकड़ा गया था। सोमवार को फैसला विशेष न्यायाधीश संजयकुमार गुप्ता ने सुनाया। कोर्ट ने आरेापी एइ ओझा को भ्रष्टाचार अधिनियम की दो धाराओं के तहत चार-चार वर्ष की कैद व पाँच-पाँच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। प्रकरण में लोकायुक्त पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक जीपी घाटिया ने की। आरोपी एइ सुनील ओझा को लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 26 जनवरी 2015 को पाँच हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। तब आरेापी ओझा इंदौर जिले के देपालपुर तहसील क्षेत्र के चंबल क्षेत्र में पदस्थ था।

मामला यह था कि देपालपुर क्षेत्र के ग्राम खरसोड़ा निवासी विक्रम गुर्जर व उसके चाचा प्यार जी के खेत में नवम्बर 2014 में वैध बिजली कनेक्शन होने के बावजूद 17 हजार 510 रुपए का बिल आया था। फरियादी जब सहायक यंत्री ओझा से मिले और बिल कम करने का कहा तो आरोपी ओझा ने रिश्वत मांगते हुए कहा था कि पाँच हजार रुपए दे देना, मैं 17510 रुपए का बिल फाड़ दूंगा। इस पर फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस इंदौर में आरोपी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। लोकायुक्त पुलिस ने योजना के अनुसार 16 जनवरी 2015 को आरोपी एइ ओझा को पाँच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ बंदी बनाया था।


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