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मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी भटकना पड़ रहा परिजनों को

मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी भटकना पड़ रहा परिजनों को
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 जगदलपुर| मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद परिजनों को उसके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी स्थानीय मेकॉज में भटकना पड़ता है और बिना उसके उनका कोई कार्य मृत्क के संबंध में नहीं हो पाता है।

स्थानीय मेकॉज में मात्र दो ही दिन सप्ताह भर में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए निर्धारित हैं मगलवार, बुधवार को ही यह जन्म तथा मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाता है और आवेदन लिये जाते हैं। इसके बाद परिजनों का भटकाव आरंभ हो जाता है। समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने से उन्हें शासन द्वारा दी जा रही न तो कोई सुविधा प्राप्त हो पाती है और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य योजना का लाभ प्राप्त हो पाता है। 
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मेकॉज के एमआरडी विभाग ने कार्यरत कुछ कर्मचारियों द्वारा इस संबंध में की जा रही लापरवाही लोगों की परेशानी का कारण बन गई है। अस्पताल में और मेकॉज में बच्चे का जन्म होता है और उसके जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी परिजन को भटकना पड़ता है। ऐसे ही कई उदाहरण लोगों ने बताये और कहा कि इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बार-बार चक्कर काटने में मेकॉज पहुंचने में ही उनका आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी बर्बादी का सामना करना पड़ता है। जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने से लोगों को जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि डिमरापाल स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में एक बार फिर तीसरे माले का फाल्स सीलिंग अचानक गिर गया। हालांकि घटना से कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के वक्त मौके पर काफी संख्या में मरीज व परिजन थे। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर मेकाज के तीसरी मंजिल से फाल्स सीलिंग अचानक भरभराकर गिर गई। घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते काफी दिनों से सीलिंग से पानी का सीपेज हो रहा था पर इसका मरम्मत नहीं करवाई गई। परिणामस्वरूप फाल्स सीलिंग गिर गई। चार माह पहले भी मेकाज के मुख्य द्वार के पास फाल्स सीलिंग गिरा था। गनीमत उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। इसी प्रकार महारानी अस्पताल के चाइल्ड आईसीसीयू में भी फाल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। बताया जाता है कि विभाग की लापरवाही से भवन की जांच नहीं करवाई जाती है।का भी समय पर भुगतान नहीं मिलता है। इन सब व्यवस्थाओं को ठीक करने की आवश्यकता है। 
 
 
 

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