इलाज में आठ करोड़ खर्च के बाद भी खेतिहर की कोरोना से हुई मौत
रीवा : मध्यप्रदेश के रीवा में लंबे इलाज के बाद भी जिले के बड़े खेतिहर की कोरोना से मौत हो गई। स्वजन के अनुसार उनके इलाज में करब आठ करोड़ रुपये खर्च हुए। मऊगंज के बड़े किसान धनंजय सिंह (50) अप्रैल 2021 में कोरोना संक्रमित हुए थे। हालात में सुधार नहीं होने पर 18 मई 2021 को एयर एंबुलेंस से उन्हें चेन्नई ले जाया गया।
वहां अपोलो अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। 239 दिन उनका इलाज चला। उन्हें आठ माह तक एक्मो मशीन पर खा गया। धनंजय अपने क्षेत्र के बड़े जमीदार व काश्तकार के तौर पर जाने जाते थे। उनके परिवार के पास करीब 350 एकड़ जमीन है। धनंजय ने स्ट्राबेरी और गुलाब की खेती को विंध्य क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाई थी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जनवरी 2021 को भोपाल में उन्हें सम्मानित किया था। भतीजे विप्लव सिंह का कहना है कि उनके इलाज में वेटिलेटर कारगर साबित नहीं हुआ। उन्हें एक्मो मशी पर रख गया था। एक्मो मशीन में शरीर का खून बाहर निकलकर ऑक्सीजेशन किया जाता है। फिर वह दोबारा शरीर के अंदर भेजा जाता है। यह कृत्रिम प्रक्रिया है, जिसमें शरीर के ऑक्सीजन को नियंत्रित किया जा सकता है।







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