पिता ने नहीं दिलवाई बाइक,तो दो भाईयों ने मिलकर कर दी फेसबुक दोस्त की हत्या और लूट ली बाइक
एक पिता ने बाइक नहीं दिलवाई तो दो भाईयों ने मिलकर फेसबुक दोस्त की बीयर में जहर देकर हत्या कर दी. छह दिन पहले ही मृतक, कातिल भाईयों का फेसबुक फ्रेंड बना था. पुलिस ने शक के आधार पर दोनों से पूछताछ भी की लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया. बाद में जब क्राइम ब्रांच ने इस केस की तहकीकात की तो करीब डेढ़ महीने बाद उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई इस सनसनीखेज घटना का खुलासा हुआ. कातिल भाईयों के पिता मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं|

अगर आप भी फेसबुक अकाउंट चलाते है और कुछ अनजान लोग आपके फेसबुक दोस्त बन गए है तो उनके बहकावे में मत आ जाना, कहीं ऐसा न हो उन्हीं फेसबुक दोस्तों की वजह से आपकी जान चली जाए. जी हां, ऐसा ही एक मामला यूपी के बरेली से सामने आया है जहां फेसबुक पर दो अजनबी दोस्तों के बुलाने पर एक छात्र उनके पास बाइक लेकर पहुंच गया और दोनों दोस्तों ने उसकी बाइक लूटकर हत्या कर दी.
विनीत बाजपेई के 17 साल के बेटे लकी बाजपेई की हत्या उसके फेसबुक के अजनबी दोस्तों ने इसलिए कर दी क्योंकि उसके पास बाइक थी. दरअसल, शहर की पाॉश कॉलोनी, महानगर निवासी और रुहेलखंड मेडिकल कालेज में प्रोफेसर यशपाल मेहता के बेटे दीपक और गगन ने फेसबुक पर सुभाषनगर के गंगानगर कालोनी निवासी विनीत बाजपेई के 17 साल के बेटे लकी बाजपेई को फेसबुक पर अपना दोस्त बनाया था|
महज 6 दिन की दोस्ती में ही दोनों ने लकी को अपने घर बाइक से बुलाया जिसके बाद लकी को दोनों भाइयों ने बीयर में जहर देने के बाद उसका गला घोंट कर मार डाला. इतना ही नहीं, हत्या के बाद घर में ही उसकी लाश को संदूक में बन्द कर दिया और जब एक दिन में ही संदूक से बदबू आने लगी तो लकी के शव को उसकी ही बाइक से दिल्ली-लखनऊ हाइवे पर झाड़ियों में फेंक दिया|
इतना ही नहीं, दोनों ने एक कबाड़ी वाले को उसकी बाइक बेच दी और बाइक से मिले पैसों से खूब मौज उड़ाई. पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर उनके पास से बाइक और हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा भी बरामद कर लिया. दोनो आरोपित पॉलीटेक्निक के छात्र हैं|
बता दें कि सुभाषनगर के गंगानगर कालोनी निवासी विनीत बाजपेई, इफको की त्रिकाया कंपनी में सुपरवाइजर हैं. उनका 17 साल का बेटा लकी जीआइसी में कक्षा 11वीं का छात्र था. 28 सितंबर को परिजन कहीं गए थे तब वह भाई से शाम तक आने की बात कहकर घर से निकल गया था, लेकिन लौटा नहीं. काफी तलाश के बाद परिजनों ने 30 सितंबर को मामले की जानकारी सुभाषनगर पुलिस को दी. काफी तलाश के बाद लकी नहीं मिला लेकिन उसकी बाइक एक कबाड़ी के यहां मिली. पता चला कि दो किशोर बाइक दे गए थे|







.jpeg)












