ससुर ने निभाया पिता का फर्ज,अपनी विधवा बहू की कराई पुरे रीति-रिवाज से शादी...
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है जहां सुसर ने समाज के लिए एक नई मिसाल पेश की है। अपनी विधवा बहू को बेटी की तरह रखकर रीति रिवाज से उसका पुनर्विवाह कराया है। सुसर के साथ अब पिता बनकर केशर राम सिन्हा ने बेटी के विवाह की सारी रस्मों को विदिवाधन से पूरा किया।
कलार समाज के केशरराम सिन्हा ने विधवा बहू का रीति रिवाज से विवाह करवाकर बेटी की तरह विदाई दी है। बहू का 5 साल का एक बेटा भी है। केशरराम सिन्हा के बेटे की पांच साल पहले चुकी है। समाजिक पदाधिकारियों की पहल ने उजड़ी उसकी बीवी की जिंदगी में बहार ला दी है। बुधवार को भेजीपदर निवासी केसर सिन्हा ने अपने 30 वर्षीय विधवा बहू लक्ष्मी का विवाह कांकेर के सरोना निवासी चित्रसेन सिन्हा से सम्पन्न कराया है। विवाह हिन्दू रीति रिवाज से परिजन व पूरे सामाजिक लोगो की मौजूदगी में बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

पुनर्विवाह के इस अनूठे पहल की प्रशंसा इलाके भर में हो रही है। समाज के पदाधिकारियों ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए विधवा विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रक्रिया को हरी झंडी देकर सामाजिक सरोकार की जिम्मेदारी को निभाया है।बहू को ससुर केशर व उसकी सास ने बेटी की तरह विदाई दी है। इस मौके पर सभी की आंखों से आंसू छलक आए।
हालांकि दूसरा पहलू यह भी है कि जिस व्यक्ति से केशर की बहू की शादी हुई है, उसकी पहली पत्नी लकवा के कारण बिस्तर पर रहती है तथा उसकी भी 12 साल की एक बेटी है। शादी समारोह में शामिल हुए समाज प्रमुख पुनीत सिन्हा, तुलेश्वर सिन्हा,विजय,भोजराज,पूरन, दिलीप, खेमराज समेत लोगो ने उज्ज्वल भविष्य व मंगल कामना के लिए आशीर्वाद देकर खुशी व गमगीन माहौल के बीच विदाई दी।







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