नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

कोरोना के डर से मां ने 5 साल की बेटी को उतार दिया मौत के घाट

कोरोना के डर से मां ने 5 साल की बेटी को उतार दिया मौत के घाट
Share

लंदन। ब्रिटेन में 36 वर्षीय एक भारतीय महिला ने अपनी पांच साल की बेटी की अपने घर पर हत्या कर दी। मां में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। महिला का कहना है कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसके अंदर कोरोना से मरने का डर पैदा हो गया था और सोचा कि उसकी छोटी बच्ची उसके बिना नहीं रह सकती।  सुधा शिवनाथम ने पिछले साल 30 जून को दक्षिण लंदन के अपने फ्लैट के बेडरूम में अपनी बेटी सयागी की 15 बार चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया।रिपोर्ट में कहा गया कि उसके पति ने कहा कि वो वायरस से संक्रमित होने को लेकर डर गई थी और हो सकता है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण वह अकेलापन महसूस कर रही हो और उसे कोई रास्ता न सूझा हो। बृहस्पतिवार को ओल्ड बेली में पेश हुई शिवनाथम ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसे अनिश्चित काल के लिए अस्पताल में रखा जाएगा।


शादी के बाद 2006 से ब्रिटेन में रह रही शिवनाथम ने महामारी से लगभग एक साल पहले रहस्यमय बीमारियों की शिकायत की थी। अभियोजकों ने कहा कि वह गंभीर रूप से बीमार थी और आश्वस्त हो गई थी कि वह मरने वाली है। हमले के दिन, उसने अपने पति से काम पर न जाने का आग्रह किया और दोस्तों को फोन करके बताया कि उसकी तबीयत खराब है। शाम करीब चार बजे पड़ोसी मिचम के मोनार्क परेड के फ्लैट में गए, तो उसे शिवनाथम को घायल पाया। बिस्तर पर पड़ी सयागी के गले, छाती और पेट में कई वार किए गए थे। सुधा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका पुलिस हिरासत से रिहाई मिलने से पहले दो महीने से अधिक समय तक इलाज चला। उसे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 37 और 41 के तहत अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।

Share

Leave a Reply