BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

फिल्मकार केएस सेतुमाधवन का हुआ निधन, पांच भाषाओं में 60 से अधिक फिल्मों की निर्देशित...

फिल्मकार केएस सेतुमाधवन का हुआ निधन, पांच भाषाओं में 60 से अधिक फिल्मों की निर्देशित...
Share

तिरुवनंतपुरम : जाने-माने फिल्मकार केएस सेतुमाधवन का चेन्नई में अपने आवास में निधन हो गया। फिल्म जगत के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि उनकी उम्र 90 वर्ष थी और वह वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।

कई राष्ट्रीय तथा राज्य पुरस्कारों से सम्मानित सेतुमाधवन ने 1960 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की । उन्होंने पांच भाषाओं में 60 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया। मलयालम के अलावा, उन्होंने तमिल, तेलुगु और हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया।

1991 में आई ‘वेनलकिनावुकल’ मलयालम भाषा में निर्देशित उनकी अंतिम फिल्म थी। केरल सरकार ने 2010 में उन्हें केरल फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान ‘जेसी डैनियल पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।

सेतुमाधवन की कहानी ....

सेतुमाधवन का जन्म 1931 में केरल के उत्तरी पालक्कड जिले में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी वलसला और तीन बच्चे हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सेतुमाधवन के निधन से फिल्म उद्योग को एक बड़ी क्षति पहुंची है।

तौर निर्देशक सेतुमाधवन ने मलयालम फिल्म उद्योग को एक अभिनव दृष्टिकोण दिया। फिल्मों को समाज के सभी वर्गों के लिए स्वीकार्य बनाने में सेतुमाधवन की भूमिका उल्लेखनीय है। विजयन ने कहा कि फिल्म निर्माता ने मलयालम फिल्मों के जरिए अलग-अलग विषयों की कहानियां पेश कीं, जो कभी देवताओं और राजाओं की कहानियों तक ही सीमित थीं। विजयन के अनुसार, लोग उनकी फिल्मों से जुड़ाव महसूस करते थे।
 


Share

Leave a Reply